कालेधन की डायरी में शिवराज का नाम, एसआईटी जांच की मांग

Friday, November 18, 2016

भोपाल। आयकर विभाग के छापे के दौरान कालेधन की एक डायरी में सीएम शिवराज सिंह चौहान का नाम मिला है। बताया जा रहा है कि नाम के आगे 10 करोड़ रुपए भी लिखा हुआ है। आम आदमी पार्टी ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने की मांग की है। 

आप की मध्यप्रदेश इकाई के संयोजक आलोक अग्रवाल ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में आयकर विभाग ने एक बड़े ममूह के यहां से छापे के दौरान 22 नवंबर, 2014 को बरामद किए गए दस्तावेजों को सार्वजनिक किया. इन दस्तावेजों में पांच-पांच करोड़ की किस्त 'कैश गिविन टू सीएम एमपी' लिखा है. साथ ही नीरज वशिष्ठ का नाम लिखा है.

आप 'सीएम एमपी' शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री कार्यालय का उप-सचिव नीरज वशिष्ठ को बता रही है. उन्होंने बताया कि यह दस्तावेज पार्टी संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के जरिए मिले हैं.

आयकर विभाग के दस्तावेजों के आधार पर अग्रवाल ने कहा, "राज्य के मुख्यमंत्री चौहान को 29 सितंबर, 2013 और एक अक्टूबर 2013 को मुख्यमंत्री कार्यालय के उप-सचिव नीरज वशिष्ठ के जरिए पांच-पांच करोड़ की दो किस्तें मिली हैं. यह रकम सहारा ने क्यों और किस काम के बदले में दी है, चौहान इस बात का खुलासा करें."

अग्रवाल का दावा है कि, 'आयकर विभाग के जो दस्तावेज उन्हें मिले है, उन पर विभाग की डिप्टी डायरेक्टर अंकिता पांडेय के हस्ताक्षर है, यह दस्तखत वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी के आग्रह पर फॉरेंसिक जांच में भी सही पाए गए हैं.'

अग्रवाल ने आगे कहा कि एक तो चौहान को इस बात का जवाब देना चाहिए कि ये 10 करोड़ रुपये उन्होंने सहारा समूह से किस काम के लिए लिए. इस मामले की सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में एसआईटी जांच होनी चाहिए.

अग्रवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश वह राज्य है, जो व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले के कारण पूरे देश में चर्चाओं में रहा है. अनोखे किस्म के इस घोटाले से जुड़े 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, नौजवानों की एक पीढ़ी बर्बाद हो चुकी है और मंत्री तक को जेल जाना पड़ा है. भ्रष्टाचार खत्म करने का दंभ भरने वाली भाजपा की यही सच्चाई है. उन्होंने कहा कि अब नया घपला सामने आया है. आयकर विभाग की यह शीट व्यापमं घोटाले की शीट की याद ताजा कर रही है.

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