भोपाल। कभी आईएएस अधिकारी के रूप में रही डॉ शशि कर्णावत अब सार्वजनिक मंच से अपनी पीड़ा जाहिर करेंगे। वह बुंदेलखंडी गीतों के जरिए अपनी व्यथा सुनाएंगी। लोकगीत गायन में रुचि रखने वाली कर्णावत ने ये गीत स्वयं ही लिखे भी हैं। अब इन्हें सुरों में ढाल कर सरकार के सताए हुए वर्ग की तकलीफ जाहिर करेगीं।
7 बुंदेली गीत किए तैयार
27 महीने से सस्पेंड इस महिला आईएएस अधिकारी ने बताया कि उन्होंने स्वयं सात बुंदेलखंडी गीत तैयार किए हैं। इनमें, महिलाओं, किसानों, दलित आदिवासी अधिकारियों व कर्मचारियों की पीड़ा का जिक्र है। डॉ कर्णावत ने हाल ही में लिखे कुछ गीतों में पठानकोट में हुए आतंकी हमले का जिक्र भी किया है। इन्हे भी वे सुनाएंगीं। इनमें सेना व एयर फोर्स के वीर जवानों व अधिकारियों की शहादत की गाथा भी शामिल होगी है।
