मप्र में प्रोफेसरों की भर्ती के संशोधित नियम

Updesh Awasthee
इंदौर। शासन ने कॉलेजों में प्रोफेसरों की भर्ती के संशोधित नियम राजपत्र में प्रकाशित कर जारी कर दिए हैं। इसी के साथ सालभर पहले से अटकी पीएससी की असिस्टेंट प्रोफेसर चयन प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद जाग गई है। हालांकि नए नियमों के जारी होने से कई उम्मीदवार बाहर होते नजर आ रहे हैं।

पीएससी ने 9 जुलाई 2014 को प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों के कुल 1646 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। अगस्त में आवेदन भी जमा करवा लिए गए थे। आवेदन प्रक्रिया के दौरान अनिवार्य योग्यता पर विवाद खड़ा हुआ था। यूजीसी के मापदंड के अनुसार पीएचडी होने के बावजूद नेट-स्लेट की परीक्षा क्वालिफाई करना इस पद के लिए जरूरी है। प्रदेश में करीब सात वर्षों से स्लेट की परीक्षा आयोजित नहीं हुई थी। इस आधार पर उम्मीदवारों ने योग्यता में राहत मांगी थी। लिहाजा पीएससी ने बिना नेट-स्लेट के सिर्फ पीएचडी की उपाधि रखने वालों से भी चयन प्रक्रिया के लिए आवेदन जमा करवा लिए थे। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करने की लिंक दोबारा खोली गई थी। इसके बाद शासन से पीएससी ने इस पूरे मसले पर उच्चशिक्षा विभाग को पत्र भेजकर अनिवार्य योग्यता पर निर्देश चाहे थे। शासन के जवाब और निर्देश के इंतजार में चयन प्रक्रिया अटकी हुई थी।

यूजीसी के नियम मानेंगे
कॉलेज प्रोफेसरों की नियुक्ति, प्रमोशन को लेकर शासन ने 27 अगस्त को संशोधित राजपत्र प्रकाशित किया है। इसके मुताबिक कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर ग्रेड-दो के शत प्रतिशत पद सीधे भर्ती से भरे जा सकेंगे। इन पदों की अनिवार्य योग्यता के रूप में यूजीसी द्वारा घोषित नियमों को ही स्वीकार किया गया है। इस लिहाज से साफ है कि नेट-स्लेट पास किए बिना उम्मीदवार इस पद के लिए योग्य नहीं हो सकते। जारी नियमों से साफ हो गया है कि यूजीसी के नियम ही चलेंगे। अब शासन के नए नियमों के हिसाब से पीएससी प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है तो वे उम्मीदवार प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे, जो नेट पास नहीं हैं। हालांकि पीएससी अब तक इस पर रुख स्पष्ट नहीं कर रहा है। यदि बीते साल जारी विज्ञापन को निरस्त कर प्रक्रिया रद्द कर दी जाती है और नए पैमानों पर फिर से विज्ञापन जारी होता है तो भी कई उम्मीदवार साल बदलने के चलते अधिकतम आयु सीमा पार कर जाएंगे और बाहर हो जाएंगे।

निर्देश नहीं मिला
हम शासन की ओर से योग्यता के मामले पर निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। उच्चशिक्षा विभाग द्वारा वेबसाइट पर कोई आदेश जारी करने की सूचना है लेकिन अब तक हमें कोई भी निर्देश नहीं मिला है। आधिकारिक निर्देश आने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मनोहर दुबे, सचिव पीएससी

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