नईदिल्ली। भारत में अमेरिकी मदद से चल रही एनजीओ के लाइसेंस रद्द करने के बाद अब अमेरिका बुरी तरह तिलमिला रहा है। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने इस मामले में भारत से सवाल पूछा है और विश्व बिरादरी में प्रचारित किया जा रहा है कि अमेरिका ने इस मामले में भारत से स्पष्टीकरण मांगा है।
अमेरिकी मीडिया द्वारा जारी खबरों के अनुसार
अमेरिका ने कई हजार गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के लाइसेंस रद्द करने के मामले में भारत से सफाई मांगी है। विदेश मंत्रालय की कार्यवाहक प्रवक्ता मैरी हर्फ ने अपने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हम इन रिपोर्ट के बारे में जानते हैं कि गृह मंत्रालय ने कई हजार एनजीओ के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं।
इस बारे में सवाल किए जाने पर मैरी ने कहा कि हमने उपयुक्त भारतीय अधिकारियों से इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है। मेरे पास अभी इस बारे में कोई जवाब नहीं है। भारत सरकार ने विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम के कथित उल्लंघन के कारण मंगलवार को 9000 से अधिक गैर सरकारी संगठनों के लाइसेंस रद्द कर दिए थे।
सवाल यह उठता है कि इस मामले में अमेरिकी सरकार क्यों तिल मिला रही है। सवाल यह भी है कि क्या भारत सरकार अमेरिका के अधीन काम करती है ? यदि नहीं तो फिर अमेरिका की हिम्मत कैसे हुई इस मामले में भारत से स्पष्टीकरण मांगने की।
