मोदी की योजना: 4 लाख का निवेश, 50 हजार महीने की इनकम | STARTUP business

Thursday, December 14, 2017

क्रियांशु सारस्‍वत। यदि आप भी नए बिजनेस की तलाश में हैं तो यह खबर आपके काम की है। जिस बिजनेस के बारे में हम बात करने जा रहे हैं वह डेली यूज की चीजों से जुड़ा हुआ काम है और इसमें आपको मुनाफा भी अच्छा होगा। इस चीज की डिमांड बाजार में हर समय रहती है। मोदी सरकार भी इस समय लघु और मध्यम व्यापार को बढ़ाने के लिए नई-नई स्कीम लेकर आ रही है। ऐसे में आप भी इन स्कीम का फायदा उठाकर अपनी इनकम का सोर्स बढ़ा सकते हैं।

पिछले कुछ सालों में ब्रांडेड बटर, पैकेट वाले दूध, दही, पैकड पनीर, घी और फ्लेवर्ड मिल्क का बाजार तेजी से बढ़ा है। आप चाहें तो इन प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू कर सकते हैं। धीरे-धीरे आप अपनी क्वालिटी के दम पर अपनी पहचान बनाकर बड़ा ब्रांड बन सकते हैं। इसके लिए आपको शुरुआत में सिफ्र 4 लाख रुपए का निवेश करना होगा। इस प्रोजेक्ट में आने वाले बाकी खर्च को मुद्रा योजना के तहत सरकार की तरफ से दिया जा रहा है।

सरकार की तरफ से फिक्स्ड रकम पर बिजनेस की जो स्ट्रक्चरिंग की गई है, उस हिसाब से आप बिजनेस शुरू कर हर महीने 50 हजार रुपए की कमाई कर सकते हैं। इसके हिसाब से यदि आप अपने पास से 4 लाख रुपए का निवेश करते हैं तो हर महीने 50 हजार रुपए की कमाई कर सकते हैं। इस बिजनेस को शुरू करने से पहले आपके लिए इसके बारे में पूरी प्रक्रिया समझनी जरूरी होगा।

इतना स्पेस होगा जरूरी
ब्रांडेड बटर, पैकेट वाले दूध, दही, पैकड पनीर, घी और फ्लेवर्ड मिल्क की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू करने के लिए आपके पास कम से कम 1000 वर्ग फीट का एरिया होना जरूरी है। यह जगह आधी कवर्ड और आधी ओपन हो सकती है। यदि आपके पास अपनी जगह नहीं है तो इसे आप लीज पर भी ले सकते हैं।

लाइसेंस
किसी भी पैकेज्ड फूड या पैकेज्ड आइटम को तैयार करने के लिए आपको पहले हेल्थ अथॉरिटी से लाइसेंस लेना जरूरी होगा। लाइसेंस की प्रक्रिया के लिए कई लोग प्राइवेट तरीके से काम करते हैं, आप इनसे जानकारी कर पूरा प्रोसेस कर सकते हैं।

दूध का इंतजाम
1000 वर्ग फुट एरिया और लाइसेंस मिलने के बाद इन आइटम को तैयार करने के लिए जरूरी है आपके पास प्रतिदिन दूध की 500 लीटर सप्लाई आती हो। सप्लाई के लिए आप ग्रामीण क्षेत्र में बने डेयरी बूथ से संपर्क कर नियमित रूप से दूध प्राप्त कर सकते हैं। जितना स्पेस आपके पास है, उसके लिए आपको 500 लीटर दूध जरूरी होता है।

मशीन के लिए इनवेस्टमेंट
दूध से संबंधित प्रोडक्ट बनाने के प्लांट में आपके पास मशीनें भी होना जरूरी है। इसके लिए आपके पास क्रीम सेपरेटर, पैकिंग मशीन, बॉटल कैपिंग मशीन, फ्रीज, कूलर, वेट करने वाली मशीन, ट्रे के अलावा कुछ और छोटी मशीनें होंगी। इस पर आपका 5 लाख रुपए खर्च होगा।

खर्च का ब्योरा
मिल्क प्लांट से जुड़ा कच्चा माल लाने के लिए आपको करीब 7 लाख रुपए खर्च करने की जरूरत होगी। इनमें दूध, चीनी, फ्लेवर और सॉल्ट आदि शामिल हैं। इसके अलावा स्टॉफ पर हर महीने का खर्च कम से कम 1 लाख रुपए का खर्च होगा। इस तरह अभी तक करीब 13 लाख रुपए का खर्च हुआ। अन्य खर्च जैसे ट्रांसपोर्ट व्हीकल, बिजली का बिल, टैक्स, टेलीफोन आदि में आपका 3 लाख रुपए खर्च हो जाएगा। कुल खर्च आपका 16 लाख रुपए हुआ।

4 निवेश की जरूरत
इस तरह इस बिजनेस में आपको शुरुआत में करीब 16 लाख रुपए का निवेश करना होगा लेकिन इसमें आपको 4 लाख रुपए निवेश करने की जरूरत है। बाकी खर्च सरकार की तरफ से मुद्रा योजना के तहत टर्म कैपिटल लोन और वर्किंग कैपिटल लोन के रूप में मिलेगी। यूनिट शुरू होने पर होने वाली इनकम में से आप इन खर्चों का ब्याज भर सकते हैं।

हर महीने 50 हजार का नेट प्रॉफिट
प्रति दिन 500 लीटर दूध की प्रोसेसिंग करने पर आप हर महीने 15 हजार लीटर दूध की प्रोसेसिंग करते हैं। इस तरह एक साल में जितना प्रोडक्ट आप तैयार कर रहे हैं, उससे आपका सालाना टर्न ओवर करीब 82 लाख रुपए रहेगा। वहीं इसकी प्रोडक्शन कॉस्ट करीब 74 लाख रुपए रहेगी। इस तरह आपका प्राफिट 8 लाख रुपए हुआ। इसमें से टैक्स आदि चुकाने के बाद नेट प्राफिट 6 लाख रुपए हुआ। इस तरह आपकी मंथली इनकम करीब 50 हजार रुपए हुई।

ऐसे करें आवेदन
आप भी यदि इस बिजनेस को शुरू करने का मन बना रहे हैं तो इसके लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत आप किसी भी बैंक में लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको संबंधित फॉर्म में नाम, पता, बिजनेस एड्रेस, एजुकेशन, मौजूदा इनकम और कि‍तना लोन चाहिए, यह सब जानकारी देनी होगी। इसमें लाभार्थी को किसी तरह की प्रोसेसिंग शुल्क या गारंटी फीस नहीं देनी होती। लोन को आप आसान मासिक किश्तों में लौटा सकते हैं।

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