कृष्णा गौर ने भोपाल में सफाई कर्मियों की हड़ताल खत्म करवाई

Updesh Awasthee
भोपाल में सफाई कर्मियों की हड़ताल खत्म: मीटिंग के बाद का चित्र
भोपाल, 6 नवंबर 2026:
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल शहर में नगर निगम की सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो गई है। हड़ताल को खत्म करवाने में गोविंदपुरा विधानसभा से विधायक एवं मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। उन्होंने हड़ताली कर्मचारियों और मुख्यमंत्री के बीच समन्वय स्थापित किया और हड़ताल कर रहे के सफाईकर्मियों को आश्वासन देते हुए भावुक अपील की। 

दीपावली के दिन भोपाल साफ और स्वच्छ रहेगा

मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि तीन दिन से सफाईकर्मी हड़ताल पर थे। इस वजह से सफाई व्यवस्था बिगड़ रही थी। इसलिए आज यूनियन पदाधिकारियों के साथ बैठक की और फिर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से समय मांगा। मुलाकात में सकारात्मक बातें हुईं। इसके बाद सफाईकर्मी काम पर लौट आए हैं। यह अच्छी बात रही। दिवाली पर शहर अब साफ और स्वच्छ रहेगा।

10 नंबर मार्केट से भोपाल में दीपावली की सफाई शुरू

सरकार 25 दिवसीय सफाईकर्मियों को विनियमितीकरण की प्रक्रिया में शामिल करेगी। इससे उनका वेतन बढ़कर 18 से 20 हजार रुपए हो जाएगा। वहीं, 29 दिवसीय और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थायी करने की प्रक्रिया भी शुरू होगी। इसके लिए एक महीने में कार्रवाई पूरी करने का आश्वासन दिया गया है। हड़ताल खत्म होने के बाद कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, महापौर मालती राय और निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार सफाईकर्मियों के साथ 10 नंबर मार्केट पहुंचे। यहां उन्होंने सफाई अभियान चलाया। इस दौरान तीनों अधिकारियों ने भी झाड़ू लगाई।

हड़ताल को नगर निगम के 6000 कर्मचारियों का समर्थन था

सफाईकर्मी 10,500 रुपए वेतन बढ़ाकर 25 हजार रुपए करने समेत चार मांगों को लेकर तीन दिन से हड़ताल पर थे। इसके चलते भोपाल की सड़कों पर 2,550 टन कचरा जमा हो गया था। शुक्रवार को सफाईकर्मियों ने टैंकरों से पानी की सप्लाई भी बंद कर दी थी। इससे कई इलाकों में पानी का संकट खड़ा हो गया। हड़ताल में नगर निगम के करीब 6 हजार अन्य कर्मचारी भी शामिल हुए थे।

नगर निगम के खजाने पर निर्भर करेगा

जानकारी के अनुसार, भोपाल नगर निगम सफाईकर्मियों के वेतन को लेकर अब आगे की प्रक्रिया करेगी। 1 महीने तक कमेटी इस पर मंथन करेगी और इसके बाद प्रक्रिया पूरी होगी। एक्सपर्ट की माने तो नगर निगम स्वायत्त संस्था है। भोपाल निगम की आर्थिक स्थिति बेहतर है। ऐसे में वह अपने सफाईकर्मियों का वेतन बढ़ा सकती है। अन्य निकाय खर्च वहन कर सकती है तो वह इसे लागू कर सकती है।

यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने बताया कि पहले मंत्री कृष्णा गौर, महापौर मालती राय और निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार के साथ बैठक हुई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की गई। बैठक में मांगों पर सकारात्मक बातचीत हुई। सफाईकर्मियों की मांग थी कि 25 दिन काम करने वालों का वेतन 10,500 रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपए किया जाए। अब सरकार इन्हें विनियमितीकरण की प्रक्रिया में शामिल करेगी। इससे उनकी सैलरी बढ़कर 18 से 20 हजार रुपए हो जाएगी।

वहीं, 29 दिन काम करने वाले और दैनिक वेतन पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी स्थायी करने की प्रक्रिया शुरू होगी। यह काम एक महीने में पूरा किया जाएगा।

इसकी शुरुआत कल से होगी। इसके लिए बनाई गई कमेटी में यूनियन के पदाधिकारी भी शामिल होंगे। कर्मचारियों की अनुकंपा नियुक्ति के मामलों पर भी काम किया जाएगा। 
रिपोर्ट: अशोक गुप्ता।
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