भ्रष्टाचार का नेक्स्ट लेवल: जिसके अंडर काम किया उसी से रिश्वत वसूल रहा बाबू गिरफ्तार

Updesh Awasthee
भोपाल, 10 जुलाई 2026:
सातवां वेतनमान के बाद भ्रष्टाचार का एक नया लेवल दिखाई दे रहा है। पहले वेतन कब मिलता था तो बाबू लोग चाय पानी के लालच में काम कर दिया करते थे। अब भरपूर वेतन मिल रहा है इसलिए रिश्वत की रकम 10 गुना तक बढ़ गई है। काली कमाई ने कर्मचारियों को अंधा बना दिया है। आगर मालवा में एक क्लर्क अपने इस अधिकारी से रिश्वत वसूल रहा था, जिसके नीचे काम किया था। 

रिटायर्ड अधिकारी का सम्मान खत्म, पैरालिसिस अटैक के बाद भी डेढ़ लाख रिश्वत मांगी

पूरा मामला कुछ ऐसा है कि जिला खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग में तैनात बाबू मनीष पंड्या ने अपने ही विभाग के रिटायर्ड अधिकारी गोवर्धन बोरसिया से उनके हक के पैसे पास कराने के बदले रिश्वत की डिमांड कर दी। बेचारे बोरसिया जी अभी लकवे से जूझ रहे हैं, तो उनका बेटा विजय दफ्तर के चक्कर काट रहा था।बोरसिया जी के ग्रेच्युटी और बीमा जैसे भत्तों के करीब 25 से 27 लाख रुपए बकाया थे। इसे पास करने के लिए बाबू मनीष ने डेढ़ लाख रुपए की मोटी रिश्वत माँगी थी। 

Corruption Hits the Next Level: Clerk Arrested for Allegedly Demanding Bribe from His Former Boss

मतलब अधिकारी रिटायर हो गया तो उसका सम्मान और रिश्ता भी खत्म हो गया। यहां तक की अधिकारी को पैरालिसिस अटैक आया है, उसके बाद भी अधिकारी के अधीन काम करने वाला क्लर्क उसकी मदद नहीं कर रहा। उल्टा उसके बेटे से एडवांस में रिश्वत मांग रहा है। 

कलेक्टर ऑफिस में बैठकर रिश्वत ले रहा था

बेटा विजय परेशान हो गया और उसने लोकायुक्त में शिकायत कर दी। फिर क्या था, शुक्रवार को जाल बिछाया गया। विजय 50 हजार कैश और 50 हजार का चेक लेकर पहुँचा। लालची बाबू ने चेक वापस कर दिया और जैसे ही 50 हजार नगद हाथ में लिए, लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। लोकायुक्त की करीब 12 लोगों की टीम ने उसे कलेक्टर ऑफिस परिसर में ही पकड़ा और फिर पास के रेस्ट हाउस ले जाकर पूरी कागजी कार्रवाई की। अब बाबू साहब पर भ्रष्टाचार का केस दर्ज हो गया है और उनकी सारी हेकड़ी निकल गई है।

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!