BHOPAL NEWS- नीलबड़ में एक कंपनी जॉब के नाम पर गरीब लड़कियों से ठगी कर रही है

मध्य प्रदेश की राजधानी नीलबड़ में एक कंपनी प्रदेश के कई जिलों की गरीब लड़कियों के साथ ठगी कर चुकी है और यह गोरखधंधा लगातार जारी है। यह कंपनी केवल निर्धन और सामाजिक रुप से कमजोर लड़कियों को टारगेट करती है ताकि कोई इसके खिलाफ शिकायत ना करें। 

एक लड़की ने बड़ी हिम्मत करके एक सामाजिक कार्यकर्ता के माध्यम से शिकायत की है। हमारे विधि विशेषज्ञ ने उसे बताया है कि आईपीसी की किन धाराओं के तहत इस कंपनी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करवाया जा सकता है और इसके लिए भोपाल आने की जरूरत नहीं है। पीड़ित लड़की को बताया गया है कि किस प्रकार उनके शहर में कोई भी वकील उनकी मदद करेगा और इस पूरी प्रक्रिया में ना तो उनका बहुत सारा समय लगेगा और ना ही पैसा। 

पढ़ते हैं पीड़ित लड़की की वह शिकायत जो हमें प्राप्त हुई
एक लड़की है, उसने मुझे बताया है कि उसके कॉलेज में ही पढ़ने वाली कुछ लड़कियां, नीलबड़ भोपाल में रहकर, फेसबुक, इंस्टाग्राम से नंबर निकालकर लोगों को MSG CALL करते है और COMPUTER OPERATOR इत्यादि की जॉब है, बोलकर इनको बुलाकर 4 दिन ट्रेनिंग के नाम पर साथ मे रूम पे रखते है और उसके बाद इनको पैसे के लिए दबाव बनाते हैं।

मोटा पैसा लेने के बाद औऱ पैसो की मांग करते है और फोन use नही करने देते। ना किसी से बात करने देते है। फिर cloths सेलिंग का हवाला देकर नेटवर्क मार्केटिंग में धकेल देते हैं, बाद में पैसे वापस मांगने पर ये देते नही है, और जाने भी नही देते। 

ऐसी ही इस लकड़ी का काफी सामान भी इन्ही के रूम पर रखा हुआ है क्यूंकि यह भागकर वहां से आई थी, और पैसे न होने की वजह से वह घर न जाकर दिल्ली में जॉब कर रही है, इसके पास पैसे ट्रांसफर करने का प्रूफ भी है। 

प्रताड़ित लड़की ने बताया है कि काफी लड़किया वहां और इस तरह का कार्य कर रहीं है जो व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम के माध्यम से ग्रामीण अंचल के लोगों के कांटेक्ट निकालकर उन्हें बुलाते है और इस तरह की लूट करते है। 

और इन सभी लड़कियों की उम्र 21 साल से भी कम है और काफी पिछड़े घर से आते है जो पैसे के लिए किसी और के कहने पर इस तरह का कदम उठा रहे है और इनको कोई डर नही है। 
नोट:- इसमें हमने कंपनी का नाम, उसके संचालकों का नाम और अन्य आरोपियों के नाम प्रकाशित नहीं किए हैं। मामला दर्ज होने के बाद सभी के नाम प्रकाशित किए जाएंगे।