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पालक को खाने की सही विधि क्या है, लंदन के वैज्ञानिकों ने बताई | HEALTH NEWS

नई दिल्ली। पालक का सेवन स्‍वास्‍थ्‍य / HEALTH के लिए बेहतर माना जाता है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि पालक को किस विधि से खाया जाए, जिससे उसके पोषक तत्‍वों / Nutrients की कम से कम क्षति हो। वैज्ञानिकों का दावा है कि पालक समेत पत्‍तेदार सब्‍जी को अधिक पकाने से इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट/ Antioxidant नष्ट हो जाते हैं। खासकर इसमें मौजूद पोषक तत्‍व ल्यूटिन खत्‍म हो जाता है। जबकि इसे दही के साथ मिलाकर ग्रहण करने से ल्‍यूटिन प्रचुर मात्रा में निकलता है। ल्‍यूटिन हृदय रोग के जोखिम को कम करता है। यह आंखों की रोशनी के लिए भी काफी फायदेमंद है। 

ल्‍यूटिन / Lutein के स्‍तर को कई चरणों में नापा 

इसके लिए स्वीडन में लिंकोपिंग विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने खाना पकाने के लिए बेबी पालक के विभिन्न तरीकों का परीक्षण किया। इस दौरान पालक को कई तापमान पर पकाया गया और ल्‍यूटिन के स्‍तर को कई चरणों में नापा गया। उन्‍होंने पाया कि विभिन्‍न तापमान पर इसकी पोषण सामग्री का स्‍वरूप भी बदलता गया। अध्ययन के प्रमुख लेखक रोस्ना चुंग ने कहा कि पालक को अधिक तापमान पर पकाना कतई उचित नहीं है। उन्‍होंने कहा कि इसका कच्‍चा सेवन यानी सलाद के रूप में सर्वश्रेष्ठ है। इसे खाने का सबसे स्वास्थ्यप्रद तरीका है। वैज्ञानिकों का कहना है कि हरी सब्‍जी या पालक को लंबे समय तक पकाना या इसे फ्राई करना उचित नहीं है। अध्ययन से पता चलता है कि कम तापमान में पकाया जाने वाला भोजन विटामिन को बनाए रखता है।

पालक को क्रीम, दूध या दही के साथ खाना ज्‍यादा लाभप्रद / Spinach is more beneficial to eat with cream, milk or curd

वैज्ञानिकों का दावा है कि कच्‍चे पालक को डेयरी पदार्थों (क्रीम, दूध या दही) के साथ मिलाकर खाना ज्‍यादा लाभप्रद है। दरअसल, डेयरी पदार्थ ल्यूटिन की घुलनशीलता को बढ़ाते हैं। शोधकर्ताओं का दावा है कि पालक के छोटे टूकड़े करने पर पत्तियों से अधिक मात्रा में ल्‍यूटिन निकलता है। यह ल्‍यूटिन वसा में घुलनशीलता को बढ़ाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ल्‍यूटिन जितनी आसानी से घूलता है वह शरीर द्वारा उतनी ही आसानी से अवशोषित किया जाता है।

PALAK दिल के दौरे के जोखिम को घटाता है / Reduces the risk of heart attack

पालक में पाया जाने वाला ल्यूटिन दिल के दौरे के जोखिम को घटाता है। दरअलस, ल्यूटिन कोरोनरी धमनी रक्त वाहिकाओं में पुरानी सूजन को कम करने में मदद करता है। इससे दिल का दौड़ा पड़ने का जोखिम कम होता है। इसे 'आंखों के विटामिन' के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि ल्यूटिन धूप से होने वाले नुकसान से बचाता है। हृदय रोग, पेट या स्तन कैंसर, और टाइप-2 मधुमेह के जोखिम को कम करने के लिए कई लोग ल्यूटिन की खुराक भी लेते हैं।