भोपाल समाचार, 13 जुलाई 2026: दतिया में 10 जुलाई को आग लगी तो दिग्विजय सिंह ने अपनी खिचड़ी पकाने के लिए तत्काल पतीला रख दिया। सोशल मीडिया पर नरोत्तम मिश्रा को सलाम किया, लेकिन जब खिचड़ी नहीं पकी, नरोत्तम मिश्रा ने सलाम के जवाब नहीं दिया तो आज राजा साहब तू-तड़ाक पर उतर आए।
जय हो पंडित जी, आपके साहस आपकी दिलेरी को सलाम
दतिया चुनाव में टिकट कट जाने के बाद 10 जुलाई की शाम को 6:00 बजे के बाद जो विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ उसके वीडियो 11 जुलाई तक सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके थे। जब श्री दिग्विजय सिंह ने देखा कि, दतिया में विरोध नहीं बल्कि बगावत शुरू हो गई है तो उन्होंने मौके का फायदा उठाने के लिए नरोत्तम मिश्रा की तरफ चार डाला। सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो शेयर करते हुए लिखा, जय हो पंडित जी। लगे रहो। आपके साहस आपकी दिलेरी को सलाम। जय सिया राम।
पंडित जी से डायरेक्ट "उसके"?
शायद श्री दिग्विजय सिंह को पूरी उम्मीद रही होगी कि, अब डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा, अपने मित्र डॉ गोविंद सिंह और केपी सिंह के माध्यम से उनकी शरण में जरूर आएंगे लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। पंडित जी भोपाल आए, भाजपा के नेताओं से मिले, फिर दिल्ली गए, वहां भी अपनी ही पार्टी के नेताओं से मिले और लौटकर मीडिया में स्टेटमेंट दिया " मैं भाजपा में पैदा हुआ हूं और भाजपा में ही मरूंगा"। दादा की इस लाइन ने राजा का दिल तोड़ दिया। आज उन्होंने एक यूट्यूब चैनल में विद्वानों के डिस्कशन को शेयर करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा है "डॉ साहब मैं आप से सहमत हूँ। मैं नरोत्तम मिश्रा का सबसे बड़ा आलोचक रहा हूँ पर मैं उसके दुस्साहस की दाद देता हूँ। आज के समय में भाजपा के कार्यकर्ताओं से नरेंद्र मोदी मुर्दाबाद के नारे लगवा दे उन्हें तानाशाह कहलवा दे, मुख्यमंत्री को माँ की गाली दिलवा दे!! इसे और क्या कहेंगे? जय सिया राम।"
आज की प्रतिक्रिया ने बता दिया कि श्री दिग्विजय सिंह का दिल किस कदर टूटा है। उन्होंने सबके सामने डॉ नरोत्तम मिश्रा को बगावत के लिए प्रोत्साहित किया था, लेकिन शायद रिजल्ट वह नहीं निकला जो राजा साहब ने सोचा था। चाणक्य चौसर बिछाए बैठे रहे, लेकिन नरोत्तम नहीं आए।

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