भोपाल, 12 मई 2026: मध्य प्रदेश के मेधावी छात्रों के लिए एक बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना (Pratibhashali Vidyarthi Protsahan Yojana) के तहत कक्षा 12वीं के छात्रों को लैपटॉप राशि वितरण की तैयारी तेज कर दी है। लोक शिक्षण संचालनालय, मध्य प्रदेश ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
75% अंक लाने वालों को मिलेंगे ₹25,000
शिक्षा सत्र 2025-26 की माध्यमिक शिक्षा मण्डल (MPBSE) की हायर सेकेण्डरी परीक्षा में जिन विद्यार्थियों ने प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक अर्जित किए हैं, उन्हें लैपटॉप क्रय करने के लिए सरकार की ओर से 25-25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। यह राशि सीधे पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में अंतरित की जाएगी।
शिक्षा पोर्टल 3.0 पर बैंक खाता प्रविष्टि के निर्देश
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 11 मई 2026 को जारी पत्र के अनुसार, सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों की जानकारी शिक्षा पोर्टल 3.0 पर प्रविष्ट करना सुनिश्चित करें। इस कार्य को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए जिला स्तर पर एक वरिष्ठ अधिकारी को नामांकित करने के निर्देश दिए गए हैं।
छात्रों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण नियम
Guidelines for Bank Account: योजना का लाभ लेने के लिए बैंक खाते से संबंधित कुछ कड़े नियम निर्धारित किए गए हैं, ताकि राशि अंतरण में कोई त्रुटि न हो:
राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता: विद्यार्थियों का बैंक खाता किसी राष्ट्रीयकृत बैंक (Nationalized Bank) में होना अनिवार्य है।
E-KYC और लिमिट: बैंक खाते का E-KYC पूर्ण होना चाहिए और खाते की लेन-देन सीमा (Limit) 25,000 रुपये से कम नहीं होनी चाहिए।
सक्रिय खाता: बंद या अ संचालित (Inoperative/Closed) बैंक खातों की जानकारी पोर्टल पर दर्ज नहीं की जाएगी।
दस्तावेज: प्रविष्टि से पहले विद्यार्थियों के बैंक खाते की फोटो कॉपी रिकॉर्ड में रखी जाएगी और IFSC CODE एवं खाता क्रमांक का सावधानीपूर्वक मिलान किया जाएगा।
15 दिनों में पूरी होगी प्रक्रिया
सरकार ने इस पूरी कार्यवाही को 15 दिवस के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा है। जिला शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी पात्र विद्यार्थी की बैंक जानकारी त्रुटिपूर्ण दर्ज होती है और राशि गलत खाते में जाती है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी।
यह कदम राज्य के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और उनके भविष्य को उज्जवल बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री की एक महत्वपूर्ण पहल है। छात्र अधिक जानकारी के लिए अपने संबंधित विद्यालय या जिला शिक्षा कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

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