इंदौर, 04 मई 2026: श्री राजपूत करणी सेना छात्र संगठन ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में आज जबरदस्त प्रदर्शन किया। छात्र संगठन का कहना है कि इंदौर के होलकर साइंस कॉलेज में इंटर्नशिप घोटाला हुआ है। कॉलेज ने एक कंपनी के साथ MOU किया जबकि कॉलेज को MOU साइन करने का अधिकार ही नहीं है। इसके अलावा इस कंपनी के साथ MOU साइन किया गया है, वह कंपनी यूनिवर्सिटी के प्लेसमेंट ऑफिसर श्री अवनीश व्यास से संबंधित है। मतलब स्पष्ट है कि होलकर साइंस कॉलेज में इंटर्नशिप घोटाला हुआ है।
Protest at DAVV Indore Against Placement Officer by Shri Rajput Karni Sena Student Wing
करणी सेना के पदाधिकारियों का कहना है कि होलकर साइंस कॉलेज इंदौर में हाल ही में सामने आए इंटर्नशिप मामले में गंभीर अनियमितताएं और संभावित घोटाले के साक्ष्य सामने आए है। इस संबंध में यूनिवर्सिटी से कार्रवाई की मांग की है। श्री राजपूत करणी सेना छात्र संगठन इंदौर के छात्र संगठन मंत्री श्याम शुक्ला ने आरोप लगाते हुए कहा कि होलकर साइंस कॉलेज प्रशासन ने एक MOU साइन किया है निजी व्यक्ति को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए, जिसकी कंपनी के नाम से MOU हुआ है वह यूनिवर्सिटी के प्लेसमेंट अधिकारी के नाम पर है। उनका कहना है कि सरकारी पद पर रहते हुए व्यक्ति कैसे एक प्राइवेट कंपनी एक सरकारी कॉलेज में चला सकता है।
श्री राजपूत करणी सेना छात्र संगठन के मुद्दे
किसी कॉलेज द्वारा MOU करने की अनुमति कैसे प्रदान की गई। क्या उक्त MOU के लिए यूनिवर्सिटी से विधिवत स्वीकृति ली गई थी? यदि नहीं, तो यह यूनिवर्सिटी के नाम का दुरुपयोग है, जो काफी आपत्तिजनक है।
यह भी संज्ञान में आया है कि यूनिवर्सिटी के प्लेसमेंट ऑफिसर व अन्य सरकारी कॉलेज में निजी कंपनी के माध्यम से काम किया जा रहा है। कृपया स्पष्ट किया जाए कि क्या उन्हें यूनिवर्सिटी ने इस प्रकार की एक्टिविटी के लिए अधिकृत किया गया है? यदि नहीं, तो यह पद का दुरुपयोग प्रतीत होता है।
होलकर कॉलेज में हुए इंटर्नशिप घोटाले के तार यूनिवर्सिटी से जुड़े होने की संभावना को देखते हुए, हम मांग करते है कि यूनिवर्सिटी स्तर पर एक स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच समिति गठित की जाए, जो पूरे प्रकरण की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
तथ्यों की जांच की जाएगी
यूनिवर्सिटी के रजिस्टर प्रज्वल खरे ने कहा कि होलकर साइंस कॉलेज में इंटर्नशिप को लेकर उनकी कुछ मांगें है, यूनिवर्सिटी के प्लेसमेंट ऑफिसर के संबंध में भी बात की है। इस पर हम संज्ञान लेंगे, देखेंगे इसमें क्या कार्रवाई हो सकती है। ज्ञापन में जो उन्होंने तथ्य दिए है, उसकी जांच करवाई जाएगी। सही पाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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