भोपाल, 28 मार्च 2026: आपको याद होगा दिसंबर 2025 में जब छात्र आंदोलन हिंसक हुआ तब भोपाल समाचार ने सीहोर जिले में संचालित वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय के नाम को लेकर आपत्ति जताई थी। केवल भोपाल समाचार में स्पष्ट तौर पर कहा था कि, इस यूनिवर्सिटी के नाम में "BHOPAL" शब्द का उपयोग इस प्रकार से किया गया है जिसके कारण भ्रम उत्पन्न होता है। ऐसा लगता है जैसे यूनिवर्सिटी भोपाल में संचालित है। जबकि यह भोपाल से 112 किलोमीटर दूर है। अब इसी विषय को लेकर मानवाधिकार आयोग ने मामला दर्ज कर लिया है।
Bhopal Samachar Impact: Human Rights Commission Registers Case Over VIT Bhopal Name Row
भोपाल समाचार द्वारा इस विषय पर लोगों का ध्यान आकर्षित करवाए जाने के बाद एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने मानवाधिकार आयोग में शिकायत की। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रकरण दर्ज किया है। शिकायत में कहा गया कि विश्वविद्यालय का परिसर सीहोर जिले की आष्टा तहसील के कोठरी क्षेत्र में स्थित है, जो भोपाल से करीब 100 किलोमीटर दूर है, इसके बावजूद “भोपाल” नाम का उपयोग किया जा रहा है।
शिकायत के अनुसार, "वीआईटी भोपाल" विश्वविद्यालय नाम देखकर दूसरे राज्यों के छात्र-छात्राएं और अभिभावक यह मान लेते हैं कि संस्थान मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित है। ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया के दौरान यह भ्रम और बढ़ जाता है, जिससे बाद में छात्रों को असुविधा और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
परमार ने यह भी आरोप लगाया कि संस्थान में पहले भी अव्यवस्थाओं को लेकर छात्रों में आक्रोश देखा गया था, जो एक समय गंभीर और हिंसक रूप भी ले चुका है। छात्रों ने मूलभूत सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक उदासीनता जैसे मुद्दे उठाए थे। शिकायत में परिसर में कथित अवैध क्लीनिक संचालन और अन्य अनियमितताओं का भी जिक्र किया गया है। इन मामलों में पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले में संबंधित पक्षों से जवाब तलब करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसे छात्रों के अधिकार और पारदर्शिता की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। एनएसयूआई ने साफ किया है कि यदि छात्रों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ हुआ तो संगठन प्रदेशभर में आंदोलन करेगा।

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