BHOPAL में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा 5 घंटे तक कलेक्ट्रेट का घेराव- MP karmchari news

भोपाल
। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कई संगठन प्रदर्शन करना चाहते हैं परंतु ने परमिशन नहीं मिलती और विरोध प्रदर्शन को स्थगित करना पड़ता है परंतु आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने आज अनूठा प्रदर्शन किया। नीलम पार्क में प्रदर्शन की अनुमति प्राप्त करने के लिए कलेक्ट्रेट का घेराव कर डाला। 5 घंटे तक कलेक्टर कार्यालय में डटी रही। परमिशन मिलने के बाद ही वापस गईं। 

महिला कर्मचारियों को भोपाल कलेक्टर ने अनुमति नहीं दी तो कलेक्ट्रेट में धरना

मध्यप्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ के बैनरतले यह प्रदर्शन किया गया। सभी महिला कर्मचारी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर नीलम पार्क में धरना देना चाह रही थी, लेकिन यहां की परमिशन नहीं मिली थी। इसके चलते सुबह 11 बजे बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं कलेक्टोरेट पहुंची और बाहर ही बैठ गईं। यहां जमकर नारेबाजी की गई। शाम 4 बजे तक वे मौके पर डटी रही। भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री मधुकर सांबले भी धरना स्थल पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। जिला मंत्री हीरा रानवे, भोपाल विभाग प्रमुख कमलेश नागपुरे भी मौजूद थे।

मध्य प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मांगे 

  • आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। 
  • उन्हें भी सभी शासकीय सुविधाओं का लाभ मिलें।
  • नियुक्ति प्रक्रिया के नियमों में संशोधन किया जाए। 
  • मानदेय एवं मानसेवा की जगह नियमित एवं सीधी भर्ती की जाने की नियमावली बनाई जाए।
  • जब तक नियुक्ति प्रक्रिया में संशोधन नहीं हो जाता, तब तक मानदेय, अतिरिक्त मानदेय में केंद्र से निर्धारित महंगाई भत्ते को लागू कर भुगतान किया जाए। 
  • आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को 25 हजार रुपए और सहायिका को साढ़े 12 हजार रुपए दिए जाए। 
  • सभी का 5 लाख का हेल्थ बीमा भी कराया जाए। आयुष्मान योजना की पात्रता में शामिल करें।
  • महिला एवं बाल विकास विभाग के अलावा अन्य कार्य में ड्यूटी न लगाई जाए।
  • पोषण, खेल, स्वास्थ्य संबंधित सभी सामग्री केंद्रों पर समय सीमा में उपलब्ध कराई जाए।
  • आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए ज्यादा से ज्यादा भवन उपलब्ध कराए जाए।
  • सभी के लिए कम से कम 15 दिन का ग्रीष्मकालीन अवकाश प्रदान किया जाए।
  • 10 वर्ष के अनुभव, शिक्षा और वरिष्ठता के आधार पर पर्यवेक्षक पद पर बिना किसी परीक्षा के सीधी भर्ती की जाए। मप्र के बाहर के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाए।
  • आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं जब तक शासकीय कर्मचारी घोषित नहीं की जाती है, तब तक उनका रिटायरमेंट नहीं किया जाए, क्योंकि उनके जीवनयापन का सही एकमात्र साधन है। सेवानिवृत्त किया जाता है तो उन्हें नियमानुसार राशि दी जाए।

कल नीलम पार्क में देंगे धरना

भोपाल विभाग प्रमुख नागपुरे ने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं मंगलवार को नीलम पार्क में भी धरना प्रदर्शन करेंगी। इसके लिए उन्हें अनुमति मिल गई है। ✔ इसी प्रकार की जानकारियों और समाचार के लिए कृपया यहां क्लिक करके हमें गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें एवं यहां क्लिक करके हमारा टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करें। क्योंकि भोपाल समाचार के टेलीग्राम चैनल पर कुछ स्पेशल भी होता है।