मप्र प्रतियोगी परीक्षाओ की संचालन प्रणाली कैसी हो ? by ashish biltharia

23 December 2018

आदरणीय मैं पिछले माह उ.प्र शिक्षक भर्ती परीक्षा देकर आया हूं जो कि ऑफलाइन हो रही है व छात्र भी समयबद्ध कार्यक्रम व सराहनीय परीक्षा आयोजन से सहमत है। यदि म.प्र पीईबी की समस्‍त प्रतियोगी परीक्षाओं को ऑफलाइन कर दिया जाए तो इससे एकसाथ सभी आवेदक परीक्षा दे पायेंगे साथ ही तकनीकि समस्‍याओं व नार्मलाइजेशन में हो रही विसंगति से मुक्ति मिलेगी।

कैसी हो परीक्षा प्रणाली-
परीक्षार्थी से ऑफलाइन ओएमआर शीट पर वस्‍तुनिष्‍ठ प्रश्‍नपत्र के आधार पर परीक्षा ली जाए। 
इस उत्‍तरपुस्तिका की एक कार्बन कापी परीक्षार्थी को दी जाए व मूल कापी परीक्षा आयोजन करने वाले बोर्ड को जाए। 
एक कार्बन कापी का रिकार्ड रूप में किसी अन्‍य प्रशासनिक संगठन के पास रखा जाए। 
हो सके तो इस ओएमआर शीट की मूल कापी को स्‍कैन करके परीक्षा सेंटर पर ही प्रत्‍येक छात्र का रोलनंबर वार डेटा रखा जाए। 
परीक्षा होने के दो दिन उपरांत आंसरशीट का प्रकाशन परीक्षा आयोजित करने वाला बोर्ड करे ताकि छात्र उत्‍तरों की जॉंच कर सके। 
यदि किसी उत्‍तर में गलती है तो उसका साक्ष्‍य प्रस्‍तुत कर सके ताकि उत्‍तर में हुई त्रुटि को सुधारा जा सके। 
इस तरीके से छात्र के पास उत्‍तरशीट की कार्बन कापी होगी वह भी संतुष्‍ट रहेगा। 
मूल प्रति बोर्ड के पास होगी अन्‍य कार्बन कापी किसी प्रशासनिक संगठन के पास होगी। 
परीक्षा सेंटर पर स्‍कैन की गई कापी रोलनंबर बार तत्‍काल परीक्षा आयोजित करने वाले बोर्ड को भेजी जाए जिसको की चयन उपरांत सार्वजनिक किया जाए। 
इसी की एक प्रति स्‍कैन रूप में परीक्षा सेंटर पर भी उपलब्‍ध हो ताकि यदि कहीं भी गलती होती है तो तत्‍काल पकड़ में आए।
इससे परीक्षार्थियों के साथ नार्मलाइजेशन में हो रही गड़बड़ जो कि अभी पीईबी में सामने आती है व सब को अलग अलग प्रश्‍नपत्र देने से परीक्षा का स्‍तर व परीक्षा कार्यक्रम भी लंबा चलता है। 

नार्मलाइजेशन असंगत है व हर छात्र को अलग अलग प्रश्‍नपत्र देना भी गलत है जो कि वर्तमान ऑनलाइन परीक्षा प्रक्रिया में हो रहा है। साथ ही पीईबी लगातार हर शिफ्ट में प्रश्‍न पत्र में त्रुटि कर रहा है। जो इतने बड़े परीक्षा आयोजन करने वाले बोर्ड की प्रतिष्‍ठा के अनुकूल नहीं है। उपयुक्‍त परीक्षा संचालन व्‍यवस्‍था समय के साथ ही धन की बचत भी करेगी और सभी छात्र भी सहमत होगें। 

परीक्षा आयोजन में होने वाली देरी व व कई कंप्‍यूटर जनित लैब वाले कालेज अरेंज करने में होने वाली परेशानी से बचाने के साथ ही सुविधाजनक होगी। 
यह परीक्षा में विश्‍वास पैदा करने के साथ ही शासकीय स्‍कूलों व महाविधालय को एग्‍जाम सेंटर बनाने में भी सफल सिद्ध होगी।
यह व्‍यवस्‍था प्रदेश के छात्रों में विश्‍वास पैदा करने के साथ ही अभी हो रही विसंगतियों को दूर करने में मील का पत्‍थर सिद्ध होगी। 
व्‍यवस्‍था को भ्रष्‍टाचार मुक्‍त व पारदर्शी बनाने के साथ ही नयी सरकार द्वारा सफल प्रतियोगिता परीक्षा आयोजन करकर योग्‍य व्‍यक्तियों को शासन में लाने में सफल सिद्ध होगी।

सादर धन्‍यवाद
आपका
आशीष कुमार बिलथरिया
उदयपुरा जिला रायसेन म.प्र

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