बड़ी खबर: मप्र में गुपचुप DATA जुटाया जा रहा है, किसने किसे VOTE दिया | MP NEWS

05 December 2018

भोपाल। मतदान किसी भी व्यक्ति का नितांत व्यक्तिगत अधिकार होता है। पिता अपने पुत्र और पति अपनी पत्नी को ना तो निर्देशित कर सकता है कि वो किसे वोट करे या वोट के बाद यह जानने का अधिकार रखता है कि परिवार से किसे वोट दिया परंतु मध्यप्रदेश में कोई है जो गुपचुप डाटा जुटा रहा है कि लोगों ने किसे वोट दिया। 

टेलीफोन पर एग्जिट पोल सर्वे के नाम पर लोगों के मोबाइल फोन पर 8071991903 या ऐसे ही दूसरे नंबरों से कॉल आ रही है। यह रिकॉर्डेड कॉल है जो कम्प्यूटर से आॅपरेटर हो रही है। जिसमें 3 सवाल पूछे जा रहे हैं, लेकिन असल में एक ही सवाल को तीन बार पूछा जा रहा है और वह यह है कि 'आपने किसे वोट दिया।' सिर्फ एक ही कोशिश है कि आप किसी तरह यह बता दें कि आपने किसे वोट दिया। लोकेशन ट्रेस ना हो पाए शायद इसलिए यह कॉल 57 सेकेंड में कट हो जाती है। 

क्या यह अपराध है
यह अपराध है या नहीं यह तो चुनाव आयोग ही तय करेगा परंतु यह राजनीति की बेडप्रैक्टिस जरूर है। 'आपने किसे वोट दिया।' यह पूछने का अधिकार जब पति और पिता तक को नहीं है तो यह कौन जासूस है जो चुपके से आपका वोट पता करना चाहता है। सर्वे के नाम पर आपके वोट की जानकारी जुटाकर यह किसे बेच देगा। इसके पीछे की साजिश क्या है। कहीं यह आॅनलाइन तो नहीं कर दिया जाएगा कि किसने किसे वोट दिया। 

कितना विश्वस्नीय है 8071991903
truecaller पर यह नंबर Kanji Koo के नाम से दर्ज हुआ है और 44 लोगों ने इसे एक spam रिपोर्ट किया है। यानी यह तो तय है कि यह नंबर फर्जी कामों के लिए उपयोग किया जा रहा है। अब देखना यह है कि चुनाव आयोग और पुलिस इस मामले में क्या कोई कदम उठाती है या लोकतंत्र की रक्षा के लिए सरकारी संस्थानों द्वारा किसी शिकायत कर इंतजार किया जाएगा। 

आम जनता क्या करे
कृपया ध्यान रखें। किसी भी ऐसे व्यक्ति को यह कतई ना बताएं कि आपने किसे वोट दिया। टेलीफोन पर आने वाले इस तरह के सर्वे में कतई भाग ना लें। ऐसे कॉल रिसीव करने के बाद समझ आते ही कट कर दें क्योंकि इस तरह के कॉल में आप जो भी गतिविधि करेंगे वो आॅनलाइन रिकॉर्ड बन जाऐगी। हमेशा के लिए। 

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