किसान विरोधी, मांसाहारी वेंकैया नायडू BJP के उपराष्ट्रपति प्रत्याशी

Updesh Awasthee
नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एम.वेंकैया नायडू को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की तरफ से उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया गया है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को यह घोषणा की। शाह ने कहा कि 'नायडू देश के वरिष्ठ नेताओं में से हैं।' वेंकैया नायडू दो बार भाजपा अध्यक्ष रह चुके हैं और चार बार से राज्यसभा सांसद हैं। आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से लेकर नई दिल्ली और उप-राष्ट्रपति के उम्मीदवारी तक नायडू ने लंबा सफर तय किया है, लेकिन यह निर्विवाद नहीं है। नायडु को किसान का बेटा कहा जा रहा है परंतु वो किसानों की कर्ज माफी के विरोधी हैं, वो भी तब जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी में किसानों को कर्ज माफ करने का वादा किया और योगी आदित्यनाथ ने मोदी के वादे को निभाया। 

बीफ: यह व्यक्ति की च्वॉइस का मामला है
देश में बीफ बैन को लेकर चल रही बहस के बीच केन्द्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता एम.वेंकैया नायडू ने बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि वह खुद नॉन-वेजीटेरियन हैं इसके साथ ही उन्होंने कहा कि फूड हर किसी व्यक्ति की च्वॉइस का मामला है। उन्होंने आगे यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा किसी को शाकाहारी नहीं बनाना चाहती है। नायडू ने यह बयान मुंबई में औपचारिक संवाददाता सम्मेलन में दिया था। उन्होंने कहा था कि कुछ पागल लोग ऐसी बाते किया करते हैं कि बीजेपी सभी को शाकाहारी बनाना चाहती है। हालांकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। लोग क्या खाना पसंद करते हैं और क्या नहीं यह उनकी अपनी च्वॉइस का मामला है। लोग फालतू में इस मुद्दे को राजनीतिक तूल दे रहे हैं। 

किसानों की कर्जमाफी फैशन बन गया है
उत्तरप्रदेश में किसानों को कर्जमाफी का वादा करके भाजपा सत्ता तक पहुंचने वाले नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू के विचारों में काफी मतभिन्नता है। वैंकेया नायडू का कहना है कि राज्य सरकारों द्वारा किसानों की कर्जमाफी आजकल फैशन बनता जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि किसानों की कर्जमाफी समस्या का स्थाई समाधान नहीं है। सरकारों को किसानों की समस्या का स्थाई समाधान करने के लिए कदम उठाने होंगे। वैंकेया नायडू का ये बयान उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और पंजाब सरकारों द्वारा कर्जमाफी के फैसलों पर आया है। 

बता दें कि यूपी में विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को कर्ज माफ करने का वादा किया था। जब यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मोदी का वादा निभाने के लिए कदम बढ़ाया तो देश भर के किसान अपनी अपनी सरकारों से कर्ज माफी की मांग करने लगे। इसी के चलते महाराष्ट्र, कर्नाटक और पंजाब सरकारों को भी किसानों के कर्ज माफ करने पड़े। 

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!