भोपाल। फर्जी जाति प्रमाण-पत्र मामले में फंसे आगर-मालवा जिले के पुलिस अधीक्षक आरएस मीणा हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। मीणा पर फर्जी जाति प्रमाण-पत्र लगाकर पुलिस में भर्ती का आरोप लगा है। राज्य स्तरीय छानबीन समिति ने मामले में सरकार से कार्रवाई की सिफारिश की थी। मीणा का पीएससी रिकॉर्ड भी खंगाला जाना है, लेकिन यह रिकॉर्ड मंत्रालय में गायब है। राज्य स्तरीय छानबीन समिति ने जनवरी 2016 में आरएस मीणा द्वारा लगाए गए जाति प्रमाण-पत्र का फर्जी होना पाया था।
पड़ताल में सामने आया कि मीणा ने खुद को आदिवासी बताया था, लेकिन जो पता उन्होंने इसमें लिखा था वह विदिशा जिले का ग्राम मड़ावता पोस्ट जावती का था। मीणा मूलत: गुना के रहने वाले हैं। विदिशा के सिरोंज में ही मीणा आदिवासी घोषित हैं शेष जिलों में यह ओबीसी में आते हैं। इसी का फायदा उठाते हुए मीणा ने सिरोंज से फर्जी जाति प्रमाण-पत्र बनवाया था। श्री मीणा आज भी गुना जिले में निवास करते हैं। उनकी पत्नि ममता मीणा भाजपा से विधायक हैं।
