भोपाल। मप्र शासन ने बिजली विभाग को फायदे में लाने के लिए बिजली कंपनियां बनाईं, अब ये कंपनियां भी अपने सारे काम ठेके पर देने जा रहीं हैं। व्यवस्था सुधार के नाम पर बिजली विभाग निजीकरण हो रहा है। अब मीटर जांच, रीडिंग या किसी भी बहाने से कोई भी प्राइवेट व्यक्ति अपकी अनुपस्थिति में आपके घर में घुस जाया करेगा।
मप्र मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने खुद को फेलियर मान लिया है। अब वो सारी सेवाएं ठेके पर देने जा रही है। जल्द ही यह व्यवस्था भोपाल और ग्वालियर में लागू हो जाएगी। आपको नया कनेक्शन चाहिए या पुराना मीटर बदलवाना हो, सारे काम निजी हाथों से होंगे।
कंपनी का दावा है कि बिल संबंधी विवाद भी मौके पर ही निपट जाएंगे। कंपनी का कहना है कि व्यवस्था की खास बात यह होगी कि मीटर रीडर रीडिंग के साथ ही बिजली बिल देकर उपभोक्ता से मौके पर ही रसीद पर हस्ताक्षर लेगा। इससे लोगों की समय पर बिल नहीं मिलने की शिकायत भी दूर हो जाएगी। वह खराब मीटर की फोटो लेकर मौके पर ही बिलिंग करेगा।
यह व्यवस्था नए साल से लागू हो जाएगी। फिलहाल बिजली सब स्टेशनों और बिलिंग का काम कंपनी के ही कर्मचारी या दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी कर रहे हैं। हालांकि प्लानिंग पॉवर मैनेजमेंट कंपनी की है। कंपनी ने मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के बाद पश्चिम और पूर्वी बिजली वितरण कंपनियों को भी इसमें शामिल किया है। इसके बाद एक-एक कर तीनों विद्युत वितरण कंपनियों में बिलिंग, मीटरिंग और सब स्टेशनों का रखरखाव व संचालन आउटसोर्सिंग के जरिए होने लगेगा। यह व्यवस्था 5 साल के लिए होगी। इसके लिए निजी कंपनी की तलाश भी शुरू हो गई है।
बिलिंग और मीटर रीडिंग आउटसोर्सिंग पर
नया मीटर लगाना व पुराने खराब मीटर को निकालना
मीटरों को घरों के बाहर शिफ्ट करना
उपभोक्ताओं का डाटा तैयार करना व बिलिंग सिस्टम अपडेट करना
जीआईएस के आधार पर उपभोक्ताओं का सर्वे
मीटरों की खरीदी व गुणवक्ता की जांच
मीटर रीडिंग समय, दिनांक और लोकेशन मुहर के साथ
बिजली वितरण कंपनियों को उपभोक्ताओं का डाटा मुहैया कराना
बिजली बिलों का वितरण और बिल देने समय उपभोक्ता से हस्ताक्षर लेना
खराब मीटर की फोटो लेकर उपभोक्ता को बिल जारी करना
इनपुट: नितिन दवे, पत्रकार, भोपाल

