चमकेंगी भोपाल शहर की सड़कें

shailendra gupta
भोपाल/ नगर की सभी सड़कों में मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना के तहत व्यापक सुधार किया जायेगा। सड़कों के किनारे की नालियाँ अतिक्रमण मुक्त की जायेंगी। कोलार की पेयजल प्रणाली भोपाल नगर की नल-जल योजना से जोड़ी जायेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिये है कि गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाय। गड़बड़ी की आशंका पर निर्माण की जाँच करायी जाए।

श्री चौहान आज यहाँ बड़े नगरों के विकास कार्यों की समीक्षा के क्रम में भोपाल नगर की समीक्षा कर रहे थे। श्री चौहान ने निर्देश दिये कि बड़े तालाब के संरक्षण और सौंदर्यीकरण की समग्र योजना प्रस्तावित की जाये। बैठक में भोपाल नगर की पेयजल व्यवस्था, शहरी परिवहन, जल-मल निकासी, स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट, झील संरक्षण, अधोसंरचना विकास, गरीबों के कल्याण के कार्यों आदि की समीक्षा की गयी।

बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री, क्षेत्रीय सांसद कैलाश जोशी, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  बाबूलाल गौर, जिले के प्रभारी, जलसंसाधन मंत्री जयंत मलैया, गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता, नगरीय प्रशासन एवं विकास राज्य मंत्री मनोहर ऊँटवाल, महापौर श्रीमती कृष्णा गौर, विधायक सर्वश्री जितेन्द्र डागा, ध्रुवनारायण सिंह, विश्वास सारंग, भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष सुरेन्द्रनाथ सिंह और मुख्य सचिव आर.परशुराम भी मौजूद थे।

श्री चौहान ने निर्देश दिये कि नगर के बस स्टेण्डों और रेलवे स्टेशन के बीच लोक परिवहन की व्यवस्था की जाये। नगरीय क्षेत्र में सड़कें बनाने वाली एजेंसी ही रोड के साथ नाली भी बनायें। उन्होंने कहा कि मई और अगस्त माह में नगर का भ्रमण कर सड़कों की हालत का जायजा लेंगे। उन्होंने कुछ क्षेत्रों में सीवरेज व्यवस्था तथा नाली निर्माण किये बगैर ठेकेदार को भुगतान तथा सड़क का घटिया निर्माण किये जाने की शिकायतों की जाँच का निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बड़े तालाब के अतिक्रमण को रोकने के लिए राजस्व प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों के संयुक्त दल बनाकर मॉनीटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरों में काम की तलाश में आने वालों को आवासीय सुविधा मिले। इसके प्रयास अग्रिम रूप से किए जाएं। किराए पर आवास, रैनबसेरे के साथ ही निर्माण एजेंसियों द्वारा श्रमिकों के लिए आवास व्यवस्था करने के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन हो।

बताया गया कि भोपाल में बन रहा देश का पहला शौर्य स्मारक तीन माह के भीतर पूर्ण हो जायेगा। नादरा बसस्टेण्ड से छोला रोड, रेलवे क्रॉसिंग तक बन गया है। इसे करोंद चौराहे तक पूर्ण करने के निर्देश दिये गये। भोपाल टॉकीज से करोंद चौराहे के निर्माण पूर्ण होने की भी जानकारी दी गयी। पूर्ण कार्यों में कोलार चौराहे से गुलमोहर तक, एस.ओ.एस.बाल ग्राम से रायसेन रोड, करोंद वार्ड में सीमेंट कांक्रीट मार्ग आदि आठ मार्गों का निर्माण अथवा चौड़ीकरण शामिल है। केरवा डेम से भदभदा सीहोर मार्ग, केरवा डेम से कलियासोत डेम मार्ग, भरत नगर केनाल से बाबड़ियाकलां रेलवे क्रॉसिंग, इंदौर-भोपाल मुख्य मार्ग से बैरागढ़कलां, पिपलानी बी सेक्टर से खजूरीकलां बायपास तक के मार्ग इसी वर्ष जून तक पूर्ण होंगे।

बैठक में इंदौर मार्ग को भदभदा बिलकिसगंज मार्ग से जोड़ने के लिये नीलबड़ मुगालिया छाप - ईंटखेड़ी खजूरी सड़क के उन्नयन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। शाहजहानाबाद स्थित रामनगर, परीबाजार, बारामहल तथा टी.टी.नगर पुनर्घनत्वीकरण के प्रस्तावों की जानकारी भी बैठक में दी गयी। बताया गया कि पुराने क्षेत्र के प्रस्तावित पुनर्घनत्वीकरण के तहत एफ से आई श्रेणी के 460 आवास के साथ वृद्धाश्रम बनाया जायेगा। इससे कोई पाँच हेक्टर भूमि रिक्त होगी। इसी तरह टी.टी.नगर में लगभग साढ़े तीन हजार आवास बनेंगे। इससे 45 एकड़ भूमि प्राप्त होगी। निवेशक को आवास बनाकर देने के साथ शासन को नकद राशि भी देना होगी। निवेश संबंधी निर्णय के लिये टेंडर आमंत्रित किये जायेंगे।

बैठक में भोपाल मेमोरियल अस्पताल तथा प्रबंधन व्यवस्था में सुधार के बारे में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा करने की जानकारी दी गयी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आगामी लगभग 15 वर्षों की अवधि में भोपाल नगर के स्वरूप को ध्यान में रखते हुये आवासीय क्षेत्र, परिवहन व्यवस्था सहित शहरी विकास के तमाम बिन्दुओं पर व्यापक विचार-विमर्श कर नवीन योजनायें प्रस्तावित की जायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगे जल्दी ही वे एक बार पुनः भोपाल नगरीय विकास की समग्र समीक्षा करेंगे।

बैठक में प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन श्री एस.पी.एस.परिहार ने विभिन्न योजनाओं के संबंध में जानकारी दी। आयुक्त भोपाल संभाग श्री प्रवीण गर्ग ने मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

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