भोपाल, 18 सितंबर 2026: आजकल पूरे देश में एक नेगेटिव माहौल है और भारतीय जनता पार्टी में भी काफी कचरा देखने को मिल रहा है लेकिन संतोष की बात है की राजनीति में ऐसे कार्यकर्ता आज भी मौजूद है जो न केवल संवेदनशील है बल्कि सतर्क भी हैं और ईमानदार भी हैं। कोई पूर्व मुख्यमंत्री या REELबाज नेता होता है तो न केवल REEL बना था बल्कि एजेंसियों को बुलाकर ऐसे बयान देता जैसे उसके कारण ही कानून और व्यवस्था की स्थिति बनी हुई है। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के भाजपा कार्यकर्ता अर्जुन तोमर को कोई अवार्ड तो नहीं मिलेगा लेकिन हम सबको मिलकर उनकी प्रशंसा करनी चाहिए, क्योंकि अर्जुन जैसे लोगों की ही समाज को जरूरत है। कहानी को शुरू से शुरू करते हैं ताकि आपको सब कुछ ठीक प्रकार से समझ में आए:-
भोपाल के चार बदमाश फिरोजाबाद आए
सीओ सिटी फिरोजाबाद संतोष सिंह ने बताया- भोपाल निवासी राज करीब 10 दिन पहले फिरोजाबाद में रिश्तेदारों के यहां आया था। इसी दौरान उसने पशु व्यापारी जान मोहम्मद, रहीश और अनीश की गतिविधियों पर नजर रखी। उसने देखा कि व्यापारी सुबह की हाट में जल्दी पहुंचने के लिए रात करीब 2 बजे बड़ी रकम लेकर घर से निकलते हैं। राज ने यह जानकारी भोपाल के चार बदमाशों- रिहान (22), खालिद (40), अरसव (35) और आबिद (27) से साझा की। उन्हें फिरोजाबाद बुलाया। इनमें अरसव और आबिद भोपाल के निगरानीशुदा बदमाश हैं।
बदमाशों को फिरोजाबाद पुलिस पकड़ नहीं पाई
14 सितंबर को फिरोजाबाद में व्यापारी कार से रात दो बजे बाजार के लिए निकले। करीब 20 मीटर आगे जाने के बाद इनमें से एक व्यापारी को याद आया कि उसका मोबाइल घर पर छूट गया है। कार वापस लौटाई गई। वह फोन लेने चला गया, जबकि दो व्यापारी बाथरूम के लिए थोड़ा आगे निकल गए। इसी दौरान बदमाशों ने कार से कैश से भरे दो बैग निकाल लिए और फरार हो गए। दोनों बैग में कुल 41 लाख रुपए थे। व्यापारियों को कुछ समझ आता, इससे पहले आरोपी कार लेकर निकल चुके थे। फिरोजाबाद पुलिस उनको पकड़ नहीं पाई।
60 की स्पीड पर आराम से चल रहे थे, फिर भी एक्सीडेंट हो गया
फिरोजाबाद पुलिस की घेराबंदी से बड़े आराम से निकलने के बाद आरोपी ग्वालियर की ओर बढ़ रहे थे। उन्होंने करीब 118 किमी की दूरी लगभग दो घंटे में तय की। मतलब शहर के बाहर हाईवे पर भी उनकी स्पीड 60 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा नहीं थी। शायद बीच में रख कर उन्होंने कहीं कुछ खाया पिया भी होगा। 15 सितंबर की सुबह करीब 4 बजे मुरैना के कोतवाली थाना क्षेत्र के फ्लाईओवर पर ओवरटेक करने के दौरान उनकी कार आगे चल रहे ट्रक से पीछे से टकरा गई। कार सवार चारों बदमाश घायल हो गए।
इसी दौरान सिविल लाइन थाना क्षेत्र की एफआरवी वहां से गुजरी। पुलिसकर्मियों ने दुर्घटना देखकर एंबुलेंस को सूचना दी और घायलों को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की। कुछ देर बाद भाजपा कार्यकर्ता अर्जुन तोमर भी वहां पहुंच गए। वे अपने दोस्त अशोक परमार के साथ बाइक से मचकुंड की ओर जा रहे थे। अर्जुन तोमर शायद रीलबाज नेता नहीं है। उन्होंने घायलों की मदद करना शुरू कर दिया। अर्जुन इतनी आत्मीयतिता के साथ उनकी मदद कर रहे थे कि, बदमाश भी उन पर भरोसा कर रहे थे। काली शर्ट पहने हुए एक घायल युवक ने अर्जुन से कहा कि वह कार में रखा हुआ एक बैग निकाल कर दे दे। अर्जुन ने बैग उठा लिया, लेकिन इसी दौरान एक प्रश्न उनके मन में आया कि जब युवक घायल है, तो कपड़े वाले बैग की इतनी चिंता क्यों कर रहा है? अर्जुन को एहसास हुआ कि बैग का वजन कुछ ज्यादा है, और उसमें कपड़े तो नहीं है। इसी बीच दूसरे घायल ने एक और बैग होने की जानकारी दी। अर्जुन ने दोनों बैग अपने कब्जे में लिए और पुलिस अधिकारियों को सौंप दिए। घटनाक्रम की इस समय किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार किया जा सकता था। सारा पैसा तीनों पार्टियों के बीच में बांटा जा सकता था, लेकिन अर्जुन ने ऐसा नहीं किया और ना ऐसा होने दिया।
मुरैना पुलिस ने पक्का कैसे बनाकर फिरोजाबाद पुलिस को सौंपा
इसके बाद पूरी कहानी सामने आ गई, क्योंकि पूछताछ मुरैना की पुलिस कर रही थी। मुरैना पुलिस ने घटना की पुष्टि के लिए फिरोजाबाद पुलिस से संपर्क किया। हादसे के बाद पुलिस ने घायलों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए। कॉलिंग लिस्ट में ऊपर मौजूद नंबरों पर संपर्क किया। पुलिस जब फोन उठाने वालों से घायलों की पहचान पूछती तो कॉल काट दी जाती। इसी दौरान पुलिस को पता चला कि घायलों के रिश्तेदारों को हादसे की जानकारी मिल चुकी है। उन्होंने मुरैना में रहने वाले अपने रिश्तेदारों को अस्पताल पहुंचने के लिए कहा था।मुरैना पुलिस ने कार, नकदी और हथियारों की जानकारी फिरोजाबाद पुलिस को दी। इसके बाद फिरोजाबाद पुलिस की टीम आगे की कार्रवाई के लिए मुरैना पहुंची।
जांच के दौरान सामने आए पुराने आपराधिक रिकॉर्ड
फिरोजाबाद पुलिस अब आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटा रही है। खालिद कुरैशी के खिलाफ भोपाल में जुआ, मारपीट और चोरी से जुड़े पुराने मामले पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं। वह अशोका गार्डन क्षेत्र का निगरानीशुदा बदमाश बताया जा रहा है। बाकी आरोपियों के पुराने मामलों और उनके आपसी संपर्कों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
ATM क्लोनिंग से लेकर 41 लाख की लूट तक जांच
पुलिस रिकॉर्ड से आरोपी आबिद के संबंध में ATM क्लोनिंग से जुड़े पुराने मामलों का भी पता चला है। अब जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि क्या वह किसी पुराने अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क से जुड़ा रहा है और क्या उसका संपर्क इस वारदात की योजना से भी था। फिलहाल पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, आपसी संपर्क, फिरोजाबाद से मुरैना तक उनकी आवाजाही और पुराने केस रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है।
दो राज्यों से जुड़ी कड़ियां खंगाल रही पुलिस
वारदात की शुरुआत उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से हुई, आरोपी मध्य प्रदेश के मुरैना में हादसे के बाद पकड़े गए और उनका संबंध भोपाल से सामने आया है। ऐसे में जांच का दायरा उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल क्षेत्र तक पहुंच गया है।
रसूलपुर थाने के प्रभारी प्रदीप कुमार ने कहा- पुलिस यह पता लगाने में भी जुटी है कि वारदात के पीछे सिर्फ चार लोगों की भूमिका थी या इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय है। रैकी करने वाले युवक से लेकर भोपाल से बुलाए गए आरोपियों तक की कड़ियों को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
कुल मिलाकर, एक भाजपा कार्यकर्ता अर्जुन तोमर की सतर्कता और ईमानदारी और मुरैना पुलिस की सक्रियता के कारण उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से 41 लाख रुपए की लूट करके, सफलतापूर्वक फरार हुए चार बदमाश गिरफ्तार कर लिए गए। एक बार को कह सकते हैं कि, पुलिस ने जो किया वह उसकी ड्यूटी थी लेकिन भाजपा कार्यकर्ता अर्जुन तोमर की सतर्कता को प्रोत्साहित किया ही जाना चाहिए। रिपोर्ट: सत्येंद्र सरल।

