भोपाल, 21 जुलाई 2026: यदि चंदा चोरी को श्रद्धा और आस्था के साथ विश्वासघात कहते हैं तो जनता के टैक्स से मंदिर निर्माण में घोटाला को क्या कहेंगे?। मध्य प्रदेश के एक करोड़ से अधिक लोगों की आस्था का केंद्र सलकनपुर माता के मंदिर के विकास के नाम पर, देवी लोक के निर्माण के नाम पर लगभग 100 करोड रुपए खर्च किए गए लेकिन पहली बारिश में पोल खुल गई। हर कदम पर घटिया निर्माण के सबूत दिखाई दे रहे हैं। अजीब बात देखिए, भक्तों ने सोशल मीडिया पर हाहाकार मचा दिया है और मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अधिकारियों को अब तक इसका पता ही नहीं है।
परम भक्त शिवराज सिंह के रहते घोटाला हो गया?
राजधानी भोपाल के नजदीक सीहोर जिले में स्थित प्राचीन एवं चमत्कारी सलकनपुर देवी धाम के परिचय की आवश्यकता ही नहीं है। यह मंदिर लगभग 1 करोड़ से अधिक लोगों की आस्था का केंद्र है। जब उज्जैन में महाकाल लोक को श्रद्धालुओं द्वारा पसंद किया गया और इसके कारण उज्जैन में धार्मिक पर्यटकों की संख्या में लगातार बड़ी संख्या में वृद्धि होती चली गई तो उत्साहित होकर तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सलकनपुर देवी धाम में देवी लोक की स्थापना का ऐलान किया। श्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं सलकनपुर के प्रमुख भक्तों में शामिल हैं इसलिए उम्मीद थी कि यहां पर काम अच्छा होगा। कम कीमत में बढ़िया क्वालिटी का काम किया जाएगा, लेकिन इसका उल्टा हो गया। सवाल यह नहीं है कि सरकार कार्रवाई करेगी या नहीं, और तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की क्या जिम्मेदारी है बल्कि सवाल यह है कि क्या इस प्रकार के घोटाले के बाद सलकनपुर वाली माता शिवराज सिंह चौहान की पूजा स्वीकार करेंगी?
सलकनपुर में भक्तों को क्या समस्या आ रही है
यहां प्रत्येक 10 मीटर के क्षेत्र में बारिश का पानी रिसता हुआ दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर जल भराव हो गया है। वैसे तो पहाड़ी पर घना जंगल है लेकिन नवनिर्मित परिसर में बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया था। टोटल 444 पौधे लगाए गए थे। प्रत्येक पौधे के लिए 1800 रुपए खर्च किए गए थे, और आज की तारीख में लगभग 100 पौधे बचे हैं। आदिशक्ति पेडस्टल पर अब तक प्रतिमा की स्थापना नहीं की गई है। धर्मशाला, मार्केट और मेला ग्राउंड क्षेत्र सब जगह कीचड़ दिखाई दे रहा है। परिसर की अधिकांश हाईमास्ट लाइटें बंद हैं और बाकी बंद होने वाली हैं। देवी लोक के मणिदीप क्षेत्र में बिछाए गए बंसी पहाड़पुर पत्थरों पर पहली ही बारिश में पानी जमा हो गया। कभी भी कोई भी श्रद्धालु हादसे का शिकार हो सकता है।
लो जी, अधिकारियों को पता ही नहीं है
इस मामले में जब प्रतिष्ठित पत्रकार श्री एस. के. चौहान ने मनीषा भारती, कार्यपालन यंत्री, मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि, "आपके माध्यम से मुझे पानी टपकने और पौधों की स्थिति की जानकारी मिली है। शीघ्र ही निरीक्षण किया जाएगा और जो भी कमियां पाई जाएंगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर कराया जाएगा"।
मतलब गजब देखिए, सलकनपुर के भक्तों ने हाहाकार मचा दिया है। सोशल मीडिया पर फोटो वीडियो वायरल हो रहे हैं। बाद पत्रकारों तक पहुंच गई है और मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम, जिसकी जिम्मेदारी है कि वह निरंतर निरीक्षण करें, अपडेट रहे, उसको पता भी नहीं है कि सलकनपुर में क्या चल रहा है। आप ही बताइए, ऐसे अधिकारियों को पर्यटन विकास निगम से निकलकर चुनाव आयोग में क्यों नहीं अटैच कर देना चाहिए?

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