BHOPAL में अयोध्या बायपास 10 लेन के लिए NGT की हरी झंडी, दिल्ली तक चली लड़ाई

Updesh Awasthee
भोपाल, 21 मई 2026
: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अयोध्या बायपास रोड का नया प्रोजेक्ट प्रस्तावित होने से लेकर बजट जारी होने तक चुप रहे पर्यावरण विद्, प्रोजेक्ट शुरू होते ही हाय तौबा लगे थे। आज नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में उनकी याचिका खारिज हो गई और NAHI को अयोध्या बायपास रोड बनाने की अनुमति दे दी गई। 

NGT Clears Ayodhya Bypass 10-Lane Project in Bhopal, Legal Battle Reaches Delhi

भोपाल के पर्यावरणविद् नितिन सक्सेना ने एनजीटी में याचिका लगाई थी। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव, न्यायमूर्ति श्यो कुमार सिंह, विशेषज्ञ सदस्य डॉ. ए. सेंथिल वेल और सुधीर कुमार चतुर्वेदी (विशेषज्ञ सदस्य) की पीठ ने की। आवेदक सक्सेना ने प्रोजेक्ट के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई का विरोध करते हुए पर्यावरणीय क्षति, शहरी तापमान में वृद्धि और मध्यप्रदेश वृक्षों का परिरक्षण (नगरीय क्षेत्र) अधिनियम, 2001 के उल्लंघन का मुद्दा उठाया गया था।

सुनवाई के दौरान NAHI ने NGT को बताया कि यह प्रोजेक्ट राष्ट्रीय महत्व की है। भोपाल में बढ़ते यातायात दबाव, दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स और ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करने के लिए यह आवश्यक है। NHAI ने यह भी बताया कि वृक्ष कटाई के लिए सक्षम प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त कर ली गई है और प्रतिपूरक पौधारोपण पर्यावरणीय नियमों के अनुसार किया जाएगा।

दस्तावेजों में अनुमति में कोई अवैधता नहीं

एनजीटी ने उपलब्ध दस्तावेजों, रिपोर्ट पक्षकारों की दलीलों पर विचार करने के बाद माना कि वृक्ष कटाई की अनुमति में कोई अवैधता नहीं है। हालांकि, अधिकरण ने पर्यावरण संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इनमें कहा गया कि मध्यप्रदेश वृक्ष संरक्षण कानून एवं पर्यावरणीय नियमों का कड़ाई से पालन हो। ग्रीन हाईवे नीति के अंतर्गत प्रतिपूरक वृक्षारोपण एवं संरक्षण कार्य सुनिश्चित करें।

वन, नगर निगम, उद्यानिकी विभाग एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त तकनीकी समिति 15 वर्ष तक पौधारोपण की निगरानी करें। केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति की सिफारिशों का पालन किया जाए। साथ ही पिछले साल में पौधारोपण एवं CAMPA मद में जमा और उपयोग की गई राशि का विवरण NHAI प्रस्तुत करें। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रतिपूरक वृक्षारोपण निधि के उपयोग एवं पौधों के जीवित रहने की स्थिति का परीक्षण करते रहे।

हरित क्षेत्र जरूरी, पर प्रोजेक्ट को भी आगे बढ़ाना है

इस मामले में अधिकरण ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं शहरी हरित क्षेत्र का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है, लेकिन राष्ट्रीय महत्व की आधारभूत संरचना परियोजनाएं पर्यावरणीय नियमों और प्रतिपूरक उपायों के अनुपालन के साथ आगे बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही मूल आवेदन एवं लंबित अंतरिम आवेदन निराकृत कर दिए गए।

भोपाल से ऐसे दिल्ली पहुंचा मामला

बता दें कि एनएचएआई भोपाल के अयोध्या बायपास को आसाराम चौराहा से रत्नागिरि तिराहे तक 836.91 करोड़ रुपए से 10 लेन में बदल रहा है। यह 16 किलोमीटर लंबा है। इस प्रोजेक्ट में कुल 7871 पेड़ काटे जाने हैं, जो 40 से 80 साल तक के हैं। पिछले साल दिसंबर में तीन दिन में करीब आधे पेड़ काट दिए गए थे। इसका जमकर विरोध हुआ। इसके बाद मामला एनजीटी में पहुंचा और 8 जनवरी तक पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी गई थी। इस पर दो-तीन सुनवाई भोपाल बेंच ने की। इसके बाद मामला दिल्ली बेंच में पहुंच गया। इसी मामले में सुनवाई पूरी की गई है।
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