भोपाल, 5 मार्च 2026: ऐशबाग इलाके से एक बेहद दुखद और हैरान कर देने वाली खबर सामने आ रही है, जहाँ होली का जश्न एक परिवार के लिए मातम में बदल गया। 25 वर्षीय प्रोफेसर कृष्णा नायक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दोस्तों के साथ होली खेलने और भांग पीने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
Bhopal: Assistant Professor Dies After Drinking Bhang During Holi Celebrations
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक कृष्णा नायक, जो एमपी नगर स्थित एक निजी कोचिंग संस्थान में पढ़ाते थे और एक प्राइवेट कॉलेज में प्रोफेसर भी थे, बुधवार शाम तक अपने दोस्तों के साथ होली खेल रहे थे। उनके रिश्तेदार बेनी प्रसाद शर्मा ने बताया कि कृष्णा ने एक लीटर दूध में भांग की 6 गोलियां मिलाई थीं और उस पूरे मिश्रण को वह अकेले ही पी गए थे।
डांस के दौरान बिगड़ी तबीयत
भांग का सेवन करने के बाद कृष्णा ने अपने दोस्तों के साथ जमकर डांस किया। चश्मदीदों के अनुसार, काफी देर तक नाचने के बाद उन्हें अचानक घबराहट महसूस होने लगी। वह आराम करने के लिए अपने एक दोस्त के कमरे में गए, जहाँ वे अचानक बेहोश होकर गिर पड़े।
अस्पताल में उपचार और पुलिस कार्रवाई
बेहोशी की हालत में दोस्त उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन दुर्भाग्यवश कुछ ही देर के इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताई है, हालांकि मौत के सटीक कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।
पुलिस ने इस मामले में मृतक के परिजनों और दोस्तों के बयान दर्ज कर लिए हैं। गुरुवार दोपहर को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस का कहना है कि वे रिपोर्ट और दर्ज बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई करेंगे।
इस घटना ने त्यौहार के उत्साह के बीच सुरक्षा और सावधानी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
दूध में भांग मिलाकर पीने से क्या होता है
मेडिकल जर्नल्स (जैसे PubMed, PMC, NCBI), हेल्थ ऑर्गनाइजेशन्स और रिसर्च पेपर्स के अनुसार, दूध में भांग मिलाकर पीना फायदेमंद होता है लेकिन यदि भांग की मात्रा अधिक हो जाए तो जानलेवा हो जाता है। भांग (कैनबिस के पत्तों से बनी) में THC जैसे psychoactive तत्व होते हैं, जो दिमाग पर असर डालते हैं। दूध या ठंडाई में मिलाकर पीने से इसका असर धीरे-धीरे आता है (आमतौर पर 30 मिनट से 1-2 घंटे में), लेकिन ज्यादा मात्रा में कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं।
कुछ मुख्य नुकसान इस प्रकार हैं:
- दिमाग पर असर: याददाश्त कमजोर होना, ध्यान भटकना, चिंता बढ़ना, घबराहट, भ्रम या पैरानॉइया, और कभी-कभी हेलुसिनेशन भी।
- शारीरिक प्रभाव: दिल की धड़कन तेज होना, ब्लड प्रेशर बढ़ना, मुंह सूखना, चक्कर आना, उल्टी या मतली, सिरदर्द, और नींद या भूख में गड़बड़ी।
- लंबे समय तक इस्तेमाल से: लत लग सकती है, शरीर में कमजोरी, मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर (जैसे डिप्रेशन या एंग्जायटी बढ़ना), और कुछ मामलों में पुरुषों में प्रजनन क्षमता प्रभावित होना।
- खास लोगों के लिए खतरनाक: गर्भवती महिलाओं, बच्चों, किशोरों, दिल की बीमारी वाले, हाई ब्लड प्रेशर वाले, या मानसिक स्वास्थ्य की समस्या वाले लोगों को बिल्कुल नहीं लेना चाहिए।
बिना डॉक्टर की सलाह के जोखिम भरा है
कुछ लोग आयुर्वेद में बहुत कम मात्रा में औषधि के रूप में इस्तेमाल करते हैं (जैसे सिरदर्द या नींद के लिए), लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के ऐसा करना जोखिम भरा है। ज्यादातर मामलों में, त्योहारों पर मस्ती के लिए ज्यादा पी लेने से हैंगओवर जैसी स्थिति या गंभीर असुविधा हो जाती है।

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