MP LOKAYUKT: नर्मदापुरम में सीनियर अकाउंटेंट, झाबुआ में रोजगार सहायक गिरफ्तार

Updesh Awasthee
मध्य प्रदेश शासन की विशेष स्थापना लोकायुक्त पुलिस इंदौर की टीम ने मझाबुआ में छापामार कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक को, एक किसान से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ग्राम पंचायत का रोजगार सहायक, निर्धारित नियम के अनुसार, किसान की संतान का जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए तैयार नहीं था। शान द्वारा निर्धारित कर्तव्य का पालन करने के बदले में रिश्वत मांग रहा था। 

जन्म प्रमाण-पत्र के लिए मांगी थी 1600 की रिश्वत

मध्य प्रदेश शासन की लोकायुक्त टीम इंदौर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, ग्राम डिग्गी निवासी एक किसान ने अपने 7 वर्षीय पुत्र पवन सिंह निगवाल का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए रोजगार सहायक से संपर्क किया। इस पर आरोपी रोजगार सहायक दिनेश पचाहा ने दस्तावेज बनाने के लिए 1600 रुपए की रिश्वत की मांग की। किसान रिश्वत देने के लिए तैयार नहीं था। उसका कहना था कि जब बच्चा पैदा हुआ है, और कोई घोटाला नहीं हुआ है, निर्धारित नियमों के अनुसार जन्म प्रमाण पत्र बनना चाहिए। नियमों का पालन करने के लिए रिश्वत क्यों दी जाए।

पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त द्वारा शिकायत का सत्यापन करवाया गया। शिकायत सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप दल का गठन किया। योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया गया और जैसे ही आरोपी ने 1250 रुपए की रकम स्वीकार की, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। कार्रवाई में कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास, कार्यवाहक निरीक्षक सचिन पटेरिया, आरक्षक विजय कुमार, कमलेश परिहार, आशीष आर्य, बन्दमोहन सिंह बिष्ट और मनीष माधुर शामिल रहे।

नर्मदापुरम में PWD अकाउंटेंट पवन सक्सेना गिरफ्तार

डीएसपी डॉक्टर आरके सिंह ने बताया कि नर्मदापुरम के ठेकेदार अवधेश कुमार पटेल है। उनकी फर्म के द्वारा सड़क का कार्य किया गया था। काम करने के बाद कुछ एफडी जमा होती हैं और राशि जमा होती है। यह तीन-चार माह से लगातार आ रहे थे आरोपी पवन कुमार सक्सेना वरिष्ठ लेखा लिपिक ने 12 हजार की रिश्वत मांगी थी। ठेकेदार ने लोकायुक्त के पास में आवेदन किया था। एसपी लोकायुक्त ने आवेदन का सत्यापन करते हुए 12 हजार मांगे जा रहे है। इसमें 5 हजार की राशि आरोपी को पहले ठेकेदार दें चुका था, शेष राशि 7000 रुपए बाकी थी। 7 हजार की रिश्वत देने के लिए ठेकेदार अवधेश पटेल दफ्तर पहुंचे थे। लोकायुक्त एसपी द्वारा गठित दल ने रंगे हाथों सीनियर क्लर्क अकाउंटेड पवन सक्सेना को पकड़ लिया। मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया है।
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