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कर्मचारियों को बोनस दीपावली पर ही क्यों दिया जाता है, ईद और क्रिसमस पर क्यों नहीं, यहां पढ़िए - GK IN HINDI

भारत देश त्योहारों का देश है। अलग-अलग क्षेत्रों में, जातियों में एवं अवसरों पर अलग-अलग त्यौहार मनाए जाते हैं परंतु दीपावली एक ऐसा त्यौहार है जो भारत देश के सबसे बड़े भूभाग पर एक साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर कर्मचारियों को बोनस दिया जाता है परंतु प्रश्न यह है कि क्या यह बोनस त्यौहार मनाने के लिए दिया जाता है या फिर इसके पीछे कोई प्रावधान है। दूसरा सवाल यह भी है कि बोनस, कर्मचारी को कंपनी की तरफ से उपहार है या फिर अधिकार। आइए पता लगाते हैं:-

बोनस, कर्मचारी को मिलने वाला उपहार है यह अधिकार

भारत में 1965 से पहले तक बोनस कर्मचारी को नियोक्ता कंपनी की ओर से मिलने वाला एक उपहार ही था लेकिन बोनस एक्ट 1965 के प्रभावी होने के बाद यह कर्मचारी का अधिकार बन गया है। भारत के नए लेबर कानून में इसे कोड आफ वेजिज में रखा गया है। ऐसे संस्थान या कंपनियां जहां 20 या इससे अधिक कर्मचारी काम करते हैं, यह कानून लागू होता है। कंपनी या संस्था को साल भर में जो मुनाफा होता है उसका एक हिस्सा कर्मचारी को बोनस के रूप में दिया जाता है। 

क्या नौकरी छोड़ देने वाले कर्मचारी को भी बोनस का अधिकार प्राप्त है

लेबर एक्ट के अनुसार यदि किसी व्यक्ति ने किसी कंपनी या संस्था में एक वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से लेकर 31 मार्च के बीच) 30 दिन या इससे अधिक काम किया है तो वह कर्मचारी बोनस का हकदार है, भले ही उसने नौकरी छोड़ दी हो, बदल दी हो, या फिर उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। 

कर्मचारी को बोनस में न्यूनतम कितनी रकम मिलती है

बोनस की गणना कर्मचारी की बेसिक सैलरी प्लस महंगाई भत्ता पर की जाती है। अन्य किसी भी प्रकार के भत्ते इसमें शामिल नहीं किए जा सकते। बोनस के रूप में न्यूनतम ₹7000 मिलना ही चाहिए। जिस कर्मचारी का वेतन ₹21000 से अधिक है वह भी न्यूनतम ₹7000 बोनस का अधिकारी है।

यदि कंपनी घाटे में है क्या तब भी कर्मचारियों को बोनस मिलेगा 

बोनस की गणना कंपनी की बैलेंस शीट के आधार पर की जाती है। कर्मचारी के वार्षिक वेतन का 20% या कम से कम 8.33% बोनस का प्रावधान है। यदि कंपनी घाटे में चल रही है तब भी न्यूनतम बोनस का भुगतान करना अनिवार्य है। 

कर्मचारियों को दीपावली के अवसर पर ही बोनस क्यों दिया जाता है 

यह बात सही है कि दीपावली भारत देश का सबसे बड़ा त्यौहार है परंतु यह बात भी सही है कि सभी कर्मचारी दीपावली का त्यौहार नहीं मनाते। यदि त्यौहार के हिसाब से बोनस का वितरण किया जाता तो मुस्लिम कर्मचारी को ईद पर और ईसाई कर्मचारी को क्रिसमस पर बोनस वितरण होना चाहिए परंतु ऐसा नहीं होता क्योंकि बोनस का वितरण दीपावली के अवसर पर नहीं बल्कि निर्धारित कानून के तहत किया जाता है। नियमानुसार वित्तीय वर्ष की समाप्ति यानी 31 मार्च से 8 महीने के भीतर बोनस का वितरण किया जाना चाहिए। इस प्रकार बोनस वितरण की लास्ट डेट 30 नवंबर निर्धारित है। इससे पहले दीपावली का त्यौहार आता है। यही कारण है कि दीपावली के अवसर पर सभी कर्मचारियों को चाहे वह किसी भी धर्म के क्यों ना हो, बोनस का वितरण किया जाता है। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article (current affairs in hindi, gk question in hindi, current affairs 2019 in hindi, current affairs 2018 in hindi, today current affairs in hindi, general knowledge in hindi, gk ke question, gktoday in hindi, gk question answer in hindi,)


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