GWALIOR: फर्जी छापा डलवाकर कई कारोबारियों को लूटा, नकली नोट का लालच | MP NEWS

31 July 2018

GWALIOR: नकली नोट का लालच देकर ठगी करने वाले एक गिरोह के तीन सदस्य आजाद अली निवासी वंशीपुरा मुरार, राजबीर मौर्य निवासी वंशीपुरा मुरार और नदीम खान निवासी आगरा को क्राइम ब्रांच ने पकड़ा है। यह लोग पहले उस व्यक्ति को तलाशते थे, जिसे पैसे की जरूरत होती। फिर एक असली नोट के बदले तीन नकली नोट देने का झांसा देते थे। उसे सैंपल के लिए एक असली नोट देकर बाजार में चलवाते। इस तरह यह लोग विश्वास में ले लेते। 

लालच में फंसकर जब कोई बड़ी रकम लेकर नकली नोट लेने पहुंचता तो उसे ग्वालियर से बाहर बुलाते। जैसे ही वह रकम लेकर आता, तभी गैंग के सदस्य होमगार्ड जवान से रेड डलवा देते थे। जो रकम लेकर आता, उसे किसी तरह वहां से यह कहकर भगा देते थे कि वह सब संभाल लेंगे। इसके बाद पूरी रकम लेकर फरार हो जाते। नदीम होमगार्ड जवान और आजाद अली प्रॉपर्टी डीलर है। मास्टरमाइंड उप्र का बताया गया है, जिसकी तलाश जारी है। उसके अलावा चार और सदस्य हैं। क्राइम ब्रांच ने उप्र पुलिस से भी संपर्क किया है। तीनों को सोमवार को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया है। पकड़े गए आरोपियों से 1.10 लाख रुपए भी बरामद हुए हैं।

आजाद अली डेढ़ साल पहले उप्र के एक युवक के संपर्क में आया था। लालच में उसने भी रुपए दे दिए थे। इसके बाद उसे यह पैसा कमाने का शॉर्टकट लगा तो खुद गिरोह में शामिल हो गया। वह आगरा एक शादी में गया था, जहां उसे नदीम खान मिला। नदीम को उसने गैंग में मिला लिया। पहले गैंग के सदस्य नोटों के नीचे कागज की कतरन लगाकर ठगते थे। होमगार्ड जवान के मिलने के बाद उससे रेड डलवाने लगे। आंजाद अली ने ही राजबीर को शामिल किया। डेढ़ साल में 6 लोगों के साथ ठगी इन्होंने स्वीकार की है। पूछताछ में पता चला कि गैंग का नेटवर्क दिल्ली और बिहार तक फैला है।

डबरा के किराना व्यापारी मनीष जाटव को पैसों की जरूरत थी। उसे राजवीर ने फंसाया था। इसके बाद आजाद अली से मिलवाया। वह लालच में आ गया और वह 5 लाख रुपए लेकर नकली नोट लेने पहुंच गया। उसने 5 लाख रुपए उधार लिए थे। रुपए लेकर पहुंचा तो यह दोनों एक बैग में रुपए लेकर खड़े थे। उन्होंने कहा कि बैग में 15 लाख रुपए के नकली नोट हैं। इसी दौरान होमगार्ड जवान आ गया। उसके आते ही इन लोगों ने कहा कि वह सब संभाल लेंगे। डर के कारण मनीष वहां से भाग आया। घर आकर जब इनसे संपर्क करने का प्रयास किया तो बात नहीं की। एसपी नवनीत भसीन से 25 जुलाई को उसने शिकायत की। फिर क्राइम ब्रांच ने ग्राहक बनकर इनसे संपर्क किया और रंगेहाथ पकड़ लिया। एएसपी क्राइम पंकज पांडे का कहना है कि जो लोग इस तरह लालच में फंसकर ठगे गए हैं, वह रिपोर्ट लिखाने सामने आएं।
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