भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के कारण पाकिस्तान में तख्ता पलट की संभावनाएं

Monday, October 17, 2016

नई दिल्ली। भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के कारण पाकिस्तान की राजनीति में आया तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। पाक आर्मी ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अल्टीमेटम जारी कर दिया है। 5 दिन के भीतर यदि नवाज शरीफ, आर्मी चीफ को संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए तो हालात कुछ भी हो सकते हैं। 

आर्मी ने शरीफ सरकार को उस सोर्स का पता लगाने के लिए 5 दिन का वक्त दिया है, जिसने डॉन के जर्नलिस्ट सिरिल अलमिदा तक 3 अक्टूबर को हुई अहम मीटिंग की इन्फॉर्मेशन पहुंचाई। इसके बाद अब माना जा रहा है कि पीएम शरीफ के दिन अब गिने-चुने रह गए हैं। 

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, 14 अक्टूबर को हुई कॉर्प्स कमांडर्स की मीटिंग में पाकिस्तान के पीएम और उनकी टीम को लेकर आर्मी में नाराजगी साफ तौर पर दिखाई दी। इस मीटिंग के बाद जारी हुए बयान में कहा गया है- 'डॉन में पब्लिश रिपोर्ट के लिए आर्मी पीएमओ को जिम्मेदार मानती है। यह रिपोर्ट राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है और सिरिल अलमिदा की इन्फॉर्मेशन झूठी और मनगढ़ंत है।' बता दें कि 3 अक्टूबर की जिस मीटिंग की बातें लीक होने पर विवाद हुआ, वो पीओके में इंडियन आर्मी के सर्जिकल स्ट्राइक के फौरन बाद नवाज शरीफ के घर पर हुई थी।

डॉन की रिपोर्ट में ऐसा क्या था, जिससे भड़की आर्मी?
डॉन में पब्लिश सिरिल अलमिदा की रिपोर्ट में 3 अक्टूबर को पाक सरकार और आर्मी ऑफिसर्स के बीच हुई मीटिंग का डिटेल था। इसमें आर्मी और सरकार के बीच मतभेदों की जानकारी दी गई थी। साथ ही मीटिंग की मिनट्स का ब्योरा भी था। जिस पर विवाद हो गया। डॉन के एडिटर ने सिरिल अलमिदा का बचाव करते हुए कहा था- 'रिपोर्ट के फैक्ट्स को एक बार चेक करने के बाद रीचेक भी किया गया था।'

शरीफ की इमेज चमकाने छपवाई गई रिपोर्ट
कहा जा रहा है कि डॉन की रिपोर्ट एक प्लान्टेड स्टोरी थी जिसमें नवाज शरीफ और उनके भाई पंजाब प्रोविंस के सीएम शाहबाज शरीफ की इमेज को बेहतर बनाने की कोशिश की गई थी। इसमें कहा गया था कि ये दोनों आतंकवादियों को सलाखों के पीछे पहुंचाना चाहते हैं, लेकिन आर्मी उन्हें बचा रही है। 3 अक्टूबर की मीटिंग में नवाज ने कहा था-'आर्मी आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे, अगर ऐसा नहीं होता तो पाकिस्तान दुनिया में अलग-थलग पड़ जाएगा।" रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र था कि मीटिंग में शाहबाज शरीफ ने कहा कि आर्मी उन आतंकियों को बचाने की कोशिश कर रही है जिनके खिलाफ वो और नवाज कार्रवाई करना चाहते हैं।

शरीफ सरकार ने क्या किया?
आर्मी की तरफ से मिली 5 दिनों की डेडलाइन के बाद शरीफ सरकार ने सबसे पहले तो एक सफाई जारी की, जिसमें मतभेद का खंडन किया गया। फिर पीएमओ ने सिरिल अलमिदा के देश छोड़कर जाने पर रोक लगा दी, हालांकि बाद में रोक वापस ले ली। इसके बाद सरकार ने आंतरिक मंत्री चौधरी निसार को पक्ष रखने के लिए कहा। दरअसल, इस मामले में इंटरनेशनल लेवेल पर सरकार पर दबाव पड़ा। लोगों ने जर्नलिस्ट सिरिल अलमिदा का फेवर किया और प्रेस की आजादी की मांग की।

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