पीके राय होंगे इंटक के केन्द्रिय महामंत्री: न्यायालय का फैसला

Updesh Awasthee
अनुपपूर। एसईसीएल अन्तर्गत कार्यरत मजदूर संगठन इंटक में पदाधिकारियों को लेकर विगत कुछ दिनों से आपसी विवाद माननीय औद्योगिक न्यायालय बिलासपुर में पहुंच गया। जिस पर औद्योगिक न्यायलय खण्डपीठ बिलासपूर ने पूर्व कि भाॅंति एसईकेएमसी (इंटक) का केन्द्रीय महामन्त्री पी.के. राय होगें के आदेश जार कर दिये।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक एसईकेएमसी ,इंटक में कतिपय इंटक कार्यकर्ता 4 मई 15 को कोरबा में एक तथाकथित बैठक दिखा कर व्यावसायिक संघ रायपुर छग शासन के पंजीयक के पास एक सूची पेस कर बताये कि संगठन के चुनाव के मुताबिक इंटक एसईकेएमसी का नये कार्यकारणी मे गोपालनारायण सिंह अध्यक्ष और महामन्त्री सम्पत शुक्ला को कार्यकर्ता चुन लिये हैं। जिसके आधार पर छग शासन के पंजीयक व्यावसायिक संघ रायपुर ने 9 जुन 2015 को इंटक के नई सूची पर अपनी मोहर लगा दी।

इस घालमेल के खेल के खिलाडियों ने एसईसीएल बिलासपुर में जब प्रबन्धन को नई सूची सबमिट की तो अन्य इंटक जनो को इसकी भनक पड़ी और बात कानों कान कोयलांचल में आग कि तरह फैल गई। एसईसीएल के निष्ठावान इंटक जनों ने तत्काल पी. के. राय से एक जनरल कौन्सिल की बैठक बुलाने कि मांग की। मांग पर पी.के.राय ने 23 जुन 15 को कम्पनी लेबल पर जनरल कौन्सिल आहूत कराये जिसमें सर्वसम्मति से प्रकरण को माननीय औद्योगिक बिलासपूर में चुनौती देने की दबाव पी के राय पर डाली।

पीके राय ने संगठन के अधिवक्ता नव कुमार शर्मा व उनकी टीम के माध्यम से  माननीय औद्योगिक न्यायलय खण्डपीठ बिलासपूर में प्रस्तुत किये। माननीय औद्योगिक न्यायलय खण्डपीठ बिलासपूर ने प्रकरण की सुनवाई करते हुये यह पाया कि चुनाव कि प्रक्रिया इंटक एसईकेएमसी विधान के अनुरूप नही है। जिस पर नई कमेटी को स्थगन कर पूर्व कि भाॅंति पी. के.राय एसईकेएमसी इंटक के केन्द्रीय महामन्त्री होगें।

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