टीकमगढ़: राशन वितरण में अनियमितता पाए जाने पर एफआईआर दर्ज़

Updesh Awasthee
रतीराम श्रीवास, टीकमगढ़:
जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराने तथा वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी एवं जांच की जा रही है। इसी क्रम में अनियमितता पाए जाने पर दो शासकीय उचित मूल्य दुकानों के विक्रेताओं के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।

जतारा अनुविभाग अंतर्गत शासकीय उचित मूल्य दुकान बाजीतपुरा की जांच में विक्रेता बैजनाथ अहिरवार द्वारा उपभोक्ताओं को नियमित रूप से राशन सामग्री का वितरण नहीं किया जाना, दुकान नियमित रूप से नहीं खोला जाना तथा पीओएस मशीन में बायोमेट्रिक प्रक्रिया में अनियमितता सहित गंभीर गड़बड़ियां पाई गईं। जांच के दौरान भौतिक सत्यापन में दुकान में चावल 1 क्विंटल, गेहूं 4 क्विंटल, शक्कर 0.24 क्विंटल तथा नमक 6 क्विंटल पाया गया। वहीं पीओएस मशीन के स्टॉक की तुलना में गेहूं 561.11 क्विंटल, चावल 282.46 क्विंटल, शक्कर 3.29 क्विंटल, नमक 7.15 क्विंटल एवं मूंग 1.90 क्विंटल कम पाया गया। जांच रिपोर्ट में उक्त राशन सामग्री की कालाबाजारी किए जाने तथा उपभोक्ताओं को निर्धारित राशन उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति सामने आई। इसके आधार पर विक्रेता बैजनाथ अहिरवार के विरुद्ध थाना जतारा में एफआईआर दर्ज की गई है।

इसी प्रकार शासकीय उचित मूल्य दुकान छिपरी की जांच में विक्रेता जितेंद्र अहिरवार द्वारा जनवरी एवं फरवरी 2026 माह का राशन उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा में वितरित नहीं किया जाना, दुकान नियमित रूप से नहीं खोला जाना तथा उपभोक्ताओं को राशन वितरण की सूचना नहीं दिए जाने जैसी अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पीओएस पोर्टल के स्टॉक की तुलना में गेहूं 164.32 क्विंटल, चावल 11.68 क्विंटल, शक्कर 0.14 क्विंटल, नमक 3.09 क्विंटल एवं केरोसिन 530 लीटर कम पाया गया। जांच प्रतिवेदन के आधार पर विक्रेता द्वारा राशन सामग्री का दुरुपयोग/कालाबाजारी किए जाने तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के निर्धारित प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर थाना लिधौरा में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

दोनों मामलों में जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय द्वारा संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसके पालन में संबंधित थानों में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 तथा मध्यप्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 की संबंधित धाराओं के उल्लंघन के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में हितग्राहियों के राशन में किसी भी प्रकार की अनियमितता, कालाबाजारी अथवा लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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