भोपाल, 24 जून 2026: जो लोग भोपाल में रह रहे हैं उनकी तो मजबूरी है। दिव्यांग विपक्ष के कारण, सत्ता पक्ष बेलगाम हो गया है। उसके विकास ने शहर की दर्जनों सड़कों को खोद डाला। कहां कितना गहरा गड्ढा हो गया है किसी को नहीं पता। लोकल के लोगों को सहन करना पड़ेगा लेकिन यदि आप बाहर रहते हैं और भोपाल आना चाहते हैं तो कृपया बरसात के मौसम में मत आना। एक्सीडेंट की अत्यधिक संभावनाएं हैं।
This Monsoon, Think Twice Before Visiting Bhopal; Dug-Up Roads Spell Trouble
पिछली बरसात में ज्योति टॉकीज चौराहे से लेकर बोर्ड ऑफिस चौराहे के बीच की सड़क धंस गई थी। 1 महीने पहले ठीक किया गया है लेकिन जरा सी बारिश होते ही सड़क तालाब बन जाती है। ठेकेदार ने गारंटी नहीं दिए कि इस बार कोई हादसा नहीं होगा। भोपाल में मेट्रो ट्रेन का फायदा तो किसी को नहीं मिला लेकिन पिछले 5 साल से मेट्रो ट्रेन ने परेशान कर रखा है और इस बार भी करेगी। ऑरेंज लाइन के दूसरे रूट- सुभाषनगर से करोंद के बीच 10 किमी में काम चल रहा है। भोपाल स्टेशन के बाहर अंडरग्राउंड तो सिंधी कॉलोनी, करोंद, आरिफ नगर समेत पुराने शहर से पिलर खड़े हैं। इससे सड़क की चौड़ाई आधी हो गई है। विधायक आतिफ अकील ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जाहिर की थी लेकिन सरकार ने कोई सुधार नहीं किया तो विधायक भी रूठ कर घर चले गए। विधायक में दम होती तो सरकार को सुनना पड़ता है। अब सड़क की हालत बहुत खराब है। इससे बारिश में दिक्कतें बढ़ जाएंगी।
यही हाल मेट्रो की ब्लू लाइन- भदभदा से रत्नागिरी तक के है। न्यू मार्केट से भदभदा तक सड़क छोटी हो गई है। वहीं, रायसेन रोड पर भी ऐसे ही हाल है। हर रोज शाम को जाम लगता है। इससे करोंद, मालीखेड़ी, विदिशा रोड, अयोध्या बायपास समेत कई इलाकों में जाने वाले लोग घंटों तक फंसते हैं। यहां की विधायक श्रीमती कृष्णा गौर हैं। उनको तो गुस्सा भी नहीं आता। गोविंदपुरा विधानसभा की जनता भी इतनी सीधी-सादी है कि, हर जुल्म चुपचाप सहन कर लेती है। कोई सवाल नहीं करती।
इसी गोविंदपुरा विधानसभा में भोपाल के अयोध्या बायपास को 10 लेन बनाने का ₹836 करोड़ का प्रोजेक्ट है। रत्नागिरि से आसाराम तिराहे तक काम चल रहा है। 16 किमी लंबी दस लेन सड़क पर 8 से ज्यादा ब्रिज भी बन रहे हैं। इस वजह से खुदाई की गई है। जगह-जगह से रास्तें डायवर्ट है। रात में दिक्कतें ज्यादा हैं, क्योंकि रोशनी की कोई व्यवस्था नहीं है।

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