भोपाल, 04 मई 2026: माध्यमिक शिक्षा मण्डल, मध्य प्रदेश (MPBSE) ने कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए गणित विषय की परीक्षाओं और कक्षा 11वीं में प्रवेश की पात्रता को लेकर महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए हैं। पाठ्यचर्या समिति की 24 अप्रैल 2026 को हुई बैठक के बाद मंडल ने इन नए प्रावधानों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
द्वितीय परीक्षा Supplementary/Second Exam के लिए नए विकल्प
बोर्ड ने उन छात्रों को बड़ी राहत दी है जो अपनी मुख्य परीक्षा के बाद गणित का विकल्प बदलना चाहते हैं:
Switching Options: यदि किसी छात्र ने मुख्य परीक्षा में 'गणित स्टैण्डर्ड' (Mathematics Standard) लिया था (चाहे वह उत्तीर्ण हो या अनुत्तीर्ण), तो वह द्वितीय परीक्षा में 'गणित बेसिक' (Mathematics Basic) का चयन कर सकता है।
इसी तरह, 'गणित बेसिक' के छात्र द्वितीय परीक्षा में 'गणित स्टैण्डर्ड' का विकल्प चुन सकते हैं।
Best of Two Marks: द्वितीय परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों का अंतिम परीक्षाफल, मुख्य परीक्षा और द्वितीय परीक्षा दोनों में से जिसमें सर्वश्रेष्ठ अंक (Best Marks) प्राप्त होंगे, उसके आधार पर घोषित किया जाएगा।
कक्षा 11वीं में गणित विषय के चयन की पात्रता
Eligibility for Class 11: बोर्ड ने 11वीं कक्षा में गणित विषय लेने के पुराने नियमों (विज्ञप्ति क्रमांक 320/2024) को निरस्त कर दिया है। नए प्रावधानों के अनुसार:
सभी के लिए अवसर: अब हाईस्कूल (10वीं) की परीक्षा चाहे "गणित बेसिक" से उत्तीर्ण की हो या "गणित स्टैण्डर्ड" से, दोनों ही स्थिति में विद्यार्थी कक्षा 11वीं में गणित विषय का चयन करने के लिए पात्र होंगे।
हालाँकि, "गणित बेसिक" से उत्तीर्ण छात्रों को 11वीं में गणित विषय में प्रवेश देने के लिए स्कूल के प्राचार्य (Principal) विद्यार्थी की योग्यता और क्षमता के आधार पर निर्णय लेने हेतु स्वतंत्र होंगे।
निष्कर्ष: इन बदलावों का उद्देश्य छात्रों के मानसिक तनाव को कम करना और उन्हें उनके करियर के चुनाव में अधिक लचीलापन (flexibility) प्रदान करना है। मण्डल के अनुसार ये निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू हो चुके हैं।

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