बालाघाट की आदमखोर मादा बाघ भोपाल आ रही है

Updesh Awasthee
भोपाल, 3 अगस्त 2026:
राजधानी के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में एक खूंखार मेहमान की आमद होने वाली है। कान्हा टाइगर रिजर्व के बालाघाट इलाके में एक महिला को अपना निवाला बनाने वाली 'आदमखोर' मादा बाघिन T-27 भोपाल आ रही है। वन विहार में उसको सरकारी आवास आवंटित किया जाएगा लेकिन कहते हैं कि एक बार जानवर के मुंह से इंसान का खून लग जाए, तो फिर उसको किसी दूसरे जानवर का मांस पसंद नहीं आता। 

घर में घुसकर शिकार करती है

इस बाघिन ने हाल ही में घर में घुसकर एक सोई हुई महिला पर हमला किया था और उसे खींच कर ले गई, जिसके बाद इसे 'समस्या जनित' मानते हुए राजधानी की सुरक्षित निगरानी में रखने का निर्णय लिया गया है। इस दहशत की शुरुआत शनिवार रात करीब एक बजे हुई, जब बालाघाट के पर्रापुर स्कूलटोला में रहने वाली 45 वर्षीय सुगनी बाई अपने घर के भीतर सो रही थीं। यह खूंखार मादा बाघिन घर की दीवार लांघकर भीतर दाखिल हुई और महिला पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बाघिन महिला को घर से खींचकर बाहर ले गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद से ही पूरे इलाके में भारी दहशत का माहौल था। 

14 साल की उम्र और घिसे हुए दांतों ने बनाया 'नरभक्षी' 

वन विभाग की जांच में सामने आया है कि यह 14 वर्षीय मादा बाघिन T-27 अब बूढ़ी हो चुकी है। वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, अधिक उम्र के कारण इस बाघिन के कैनाइन दांत (शिकार करने वाले दांत) पूरी तरह घिस चुके हैं। दांत खराब होने की वजह से वह जंगल में जंगली जानवरों का सामान्य शिकार करने में असमर्थ हो गई थी। यही कारण है कि उसने आसान शिकार की तलाश में इंसानी बस्ती का रुख किया और एक मासूम महिला को अपना शिकार बनाया। 

हाथियों की मदद से घेराबंदी और रेस्क्यू 

महिला की मौत के बाद कान्हा प्रबंधन ने बाघिन को पकड़ने के लिए एक बड़ा ऑपरेशन चलाया। पांच हाथियों के दल और कैमरा ट्रैप की मदद से जंगल और गांव के आसपास सर्चिंग की गई। सोमवार दोपहर को वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर बाघिन को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) किया और सुरक्षित तरीके से पिंजरे में कैद कर लिया।

अब वन विहार होगा नया ठिकाना 

कान्हा के क्षेत्र संचालक रवींद्र मणि त्रिपाठी के अनुसार, सुरक्षा कारणों और बाघिन की शारीरिक स्थिति को देखते हुए उसे वापस जंगल में छोड़ना खतरनाक हो सकता था। इसी वजह से उसे विशेष वाहन के जरिए भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भेज दिया गया है। भोपाल में विशेषज्ञों की टीम इस नरभक्षी बाघिन का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी और इसे विशेष निगरानी (क्वारंटाइन) में रखा जाएगा। राजधानी के वन विहार में अब इस 'आदमखोर' बाघिन के व्यवहार पर कड़ी नजर रखी जाएगी ताकि यह समझा जा सके कि क्या वह भविष्य में भी इंसानों के लिए खतरा बनी रहेगी।

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