मिडिल क्लास नौजवान, नौकरी नहीं मांग रहा: नरेंद्र मोदी | NATIONAL NEWS

Wednesday, February 7, 2018

नई दिल्ली। कोर्ट में चपरासी की नौकरी के लिए बीई, एमबीए यहां तक कि बैंक मैनेजर की हाईक्वालिफाइड पत्नी तक कतार में हैं। इस तरह की खबरों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि भारत में मिडिल क्लास नौजवान नौकरी नहीं मांग रहा है। उन्होंने सरकारी नौकरी को 'भीख' करार देते हुए कहा कि भारत का मिडिल क्लास नोजवान अब स्टार्टअप करना चाहता है। 

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बुधवार को पीएम मोदी ने भाषण के दौरान जमकर हंगामा होता रहा. इसके बावजूद पीएम मोदी ने कांग्रेस पर प्रहार जारी रखा. उन्होंने रोजगार के मसले पर आलोचकों का जवाब देते हुए कहा कि आज का मध्यवर्गीय नौजवान नौकरी करने की जगह नौकरी देने वाला बन रहा है.

पीएम बोले कि जब लोग रोजगारी और बेरोजगारी की चर्चा करते हैं वो आंकड़ा पूरे देश का होता है, लेकिन रोजगार का आंकड़ा राज्य के आधार पर दिया जाता है। राज्य सरकारों ने आंकड़े दिए हैं। उनका मानना है कि करीब 1 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है। ये आंकड़ा गैर-एनडीए राज्य सरकारों ने दिया है। सिर्फ बंगाल, कर्नाटक, ओडिशा, केरल में 1 करोड़ रोजगार मिला है।

पीएम ने लोकसभा में कहा, 'मिडिल क्लास परिवार का नौजवान नौकरी के लिए भीख नहीं मांग रहा है। वह सम्मान के साथ जीना चाहता है। आजकल युवा स्टार्टअप खोलना चाहते हैं। हम उनकी मदद कर रहे हैं। सरकार ने पीएम मुद्रा योजना के तहत 10 करोड़ लोगों को लोन दिया। एक साल में 70 लाख नए नाम पीपीएफ में दर्ज हुए हैं। ये 18 से 25 साल के नौजवान हैं। क्या ये रोजगार नहीं है?'

पीएम ने कहा, 'कोई डॉक्टर बन रहा है, कोई इंजीनियर, कोई सीए...इन्होंने अपनी कंपनी बनाई, तमाम लोगों को रोजगार दिया। तो क्या ये रोजगार नहीं है? इंफॉर्मल सेक्टर में 90 फीसदी रोजगार होता है। आज कई आइएसएस से मैं पूछता हुं तो वे बताते हैं कि उनके बेटे नौकरी नहीं करना चाहते, वे स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं। नौजवानों की आकांक्षा को हमें समर्थन देना है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्किल इंडिया जैसी योजनाएं मध्यवर्गीय नौजवानों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए है।'

उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 10 करोड़ लोगों को लोन दिया गया, इसमें कोई बिचौलिया नहीं आया। बैंक में बिना किसी गारंटी के धन मिलता है। 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का लोन दिया गया है। इसमें 3 करोड़ बिल्कुल नए उद्यमी हैं, क्या ये भारत का रोजगार बढ़ाने का काम नहीं हो रहा?'

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