शिवराज के बाद अल्पेश: मप्र में जातिवाद भड़काने की साजिश | MP NEWS

Monday, February 12, 2018

भोपाल। पड़ौसी राज्य उत्तरप्रदेश दशकों पहले जातिवाद की राजनीति में जकड़ चुका था परंतु मध्यप्रदेश पर इसका कोई असर नहीं हुआ। कांशीराम, मायावती और मुलायम सिंह यादव ने काफी कोशिशें की पर कुछ हासिल नहीं हुआ। ये मध्यप्रदेश की स्प्रिट है। यहां जातिवादी नेता को सुनने के लिए भीड़ आती तो है परंतु जातिवाद के आधार पर वोट नहीं देती। एक बार फिर मप्र को जातिवाद की आग में झुलसाने की कोशिश की जा रही है। शुरूआत सीएम शिवराज सिंह ने अजाक्स के एक सम्मेलन में 'माई का लाल' वाले बयान से की थी, अब इसे भड़काने के लिए गुजरात के युवा नेता अल्पेश ठाकोर भी आ गए। ठाकोर अब कांग्रेस में हैं। 

सोमवार को अल्पेश ठाकोर ने भोपाल में कहा कि बीजेपी ने 2014 लोकसभा चुनाव से पहले सत्ता में आने पर दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया था जिसमें वो नाकाम रही। केंद्र में इस पार्टी की सरकार अब टॉप मैनेजमेंट और टेक्नीकल इंस्टीट्यूट्स से पास आउट होने वाले स्टूडेंट्स को पकौड़े बेचने के लिए कह रही है। गुजरात के कांग्रेस विधायक ठाकोर मध्य प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ बीजेपी के खिलाफ स्थानीय ओबीसी नेताओं के साथ साझा मोर्चा खड़ा करने का एलान करने के लिए भोपाल आए।

ठाकोर ने कहा, ‘हम गरीबी के खिलाफ लड़ रहे हैं, किसानों और बेरोजगार युवकों के लिए लड़ रहे हैं. हमारा मोर्चा ओबीसी समुदाय के गरीब, किसानों और बेरोजगार युवाओं से समर्थन जुटाएगा. इन वर्गों की अपेक्षाओं के कांग्रेस के चुनाव घोषणापत्र में शामिल होने पर ये मोर्चा पार्टी का समर्थन करेगा.’ठाकोर ने दावा किया कि वे हार्दिक पटेल और जिग्नेश मेवाणी के साथ मिलकर मध्य प्रदेश में बीजेपी के खिलाफ अभियान चलाएंगे. ठाकोर के मुताबिक गुजरात में जो मोमेंटम रहा, उसे मध्य प्रदेश में आगे बढ़ाया जाएगा.  

मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल की इस सलाह कि युवा पकौड़े बेचने को छोटा ना माने, पर ठाकोर ने कहा, ‘वो मेरी आंटी हैं, मैं सिर्फ इतना ही कह सकता हूं कि गुजरात में महिलाएं पकौड़े बनाने और खाने को पसंद करती हैं. मैं भी पकौड़े पसंद करता हूं लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि टॉप मैनेजमेंट और टेक्नीकल इंस्टीट्यूट्स से निकले छात्रों को पकौड़े बेचने के लिए कहा जाए. ये सरकार का दायित्व है कि वो देश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए. मैं राज्यपाल से अनुरोध करूंगा कि वो सरकार को कोई तार्किक सलाह दें.’

ठाकोर ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अहंकारी नेता बताया. इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से अपने ही एक सिक्योरिटी ऑफिसर को तमाचा लगाने की घटना का हवाला दिया. ठाकोर ने कहा, ‘पहले मुख्यमंत्री ने सिक्योरिटी ऑफिसर को तमाचा जड़ा और बाद में दलील दी कि वे अपने और आम आदमी के बीच मिलने में रुकावट करने वाले किसी शख्स को बर्दाश्त नहीं कर सकते. जबकि ऑफिसर सिर्फ अपनी ड्यूटी को अंजाम दे रहा था.’ ठाकोर ने कहा कि जनता को ऐसे लोगों को सत्ता से उखाड़ बाहर करना चाहिए.

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