भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के लिए नया नाम जयभान सिंह पवैया | MP NEWS

Thursday, February 1, 2018

भोपाल। मध्यप्रदेश में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को हटाए जाने की चर्चाएं लगातार जारी हैं। सभी सूत्र दावा कर रहे हैं कि नंदकुमार सिंह चौहान को 2018 चुनाव से पहले हटा दिया जाएगा। नए नामों के कयास भी लगातार लगाए जा रहे हैं। अब तक कैलाश विजयवर्गीय, नरोत्तम मिश्रा, गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह एवं जबलपुर सांसद राकेश सिंह के नाम सुर्खियों में थे। अब एक नया नाम सामने आया है। उच्च शिक्षामंत्री जयभान सिंह पवैया। 

पिछले दिनों राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने नरोत्तम मिश्रा और जयभान सिंह पवैया को दिल्ली बुलाया था। कहा जा रहा है कि इस मीटिंग में संगठन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बताने की जरूरत नहीं कि नरोत्तम मिश्रा, अमित शाह के काफी नजदीक हैं। उनके सामने काफी विकल्प में, वो अमित शाह की टीम में जा सकते हैं या मप्र के प्रदेश अध्यक्ष भी बन सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला यदि उनके हक में गया तो सीएम सीट के लिए शिवराज सिंह के बाद सबसे मजबूत दावेदार हैं। 

कहा जा रहा है कि नरोत्तम मिश्रा ने अमित शाह से आग्रह किया है कि उनके विषय में निर्णय को कुछ समय के लिए टाल दिया जाए। प्रदेश अध्यक्ष पद हेतु आरएसएस की ओर से जयभान सिंह पवैया का नाम सुझाया गया है। पवैया के नाम को बल देने के कई कारण भी उपलब्ध हैं। जिस राजपूत वोट को थामने के लिए सीएम शिवराज सिंह ने पद्मावती को राष्ट्रमाता तक का दर्जा दे दिया, कहा जाता है कि वह राजपूत समाज जयभान सिंह पवैया के साथ है। 

ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस सीएम कैंडिडेट घोषित करे या ना करे लेकिन आरएसएस के रणनीतिकारों का मानना है कि मुकाबला सिंधिया से ही होगा। जयभान सिंह पवैया के पास सिंधिया को भगाने का पुराना अनुभव भी है। पवैया मप्र में हिंदुत्व का चेहरा माने जाते हैं। इस तरह वह उमा भारती के कारण उत्पन्न हुए रिक्त को पूरा कर सकते हैं। पवैया के पास संगठन चलाने का पुराना अनुभव है। संघर्ष के दिनों में उन्होंने बजरंग दल चलाया है। भाजपा के भाग्य विधाताओं का मानना है कि नंदकुमार सिंह के कारण नाराज कार्यकर्ता, पवैया के आते ही एक्टिव हो जाएंगे। 

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