बुरी नज़र या बुरे साये से बचने के चमत्कारी उपाय | BURI NAZAR

Sunday, February 4, 2018

आजकल के वैज्ञानिक युग मॆ बुरी नज़र या बुरे साये जैसी बात को भले ही स्वीकार न किया जाये,लेकिन इन बातो को प्रभाव जनमानस मॆ निश्चित रूप से देखने को मिलता है, कई बार हसते खेलते परिवार पर ग्रहण लग जाता है, हँसता खेलता बच्चा बीमार हो जाता है, घर मॆ अच्छा भोजन बनने के बाद भी कोई खा नही पाता, कई बार शानदार मकान होने के बाद भी कोई इसमे रह नही पाता, ऐसा नज़र के प्रभाव से होता है, इसके अलावा कई जगह पर अतृप्त प्रेत या बुरे साये का प्रभाव रहता है। जिसके कारण उस जगह पर रहने वाले लोग बीमार, दुखी या परेशान रहते है, उस मकान या दुकान पर रहने पर उनको भारीपन का अनुभव होता है, ऐसा उस जगह पर बुरी आत्मा या नकारात्मक ऊर्जा के कारण होता है। 

सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा
जिस तरह अच्छी नज़र (सकारात्मक) होती है, उसी तरह बुरी नज़र (नकारात्मक) भी होती है,कुछ लोग जीवन मॆ कुंठित, असहाय तथा हारे हुए रहते हैं, बहुत प्रयासों के बाद भी ये लोग आगे नही बढ़ पाते तब इनके मन मॆ कुंठा या नकारात्मकता हावी हो जाती है। कहा जाता है कि जब ये लोग किसी हंसते खेलते खाते पीते घर को देखते है तो उनकी नज़र के कारण सामने वाले को परेशानी या पीड़ा होने लगती है।

बुरी नज़र या प्रेतात्मा के अशुभ प्रभाव से ऐसे बचें
राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें, सामने अगरबत्ती जलाकर रखें, जब आपका स्त्रोत पूर्ण हो जाये तब अगरबत्ती की भस्म को घर मॆ सबके मस्तक मॆ लगाएं, इससे किसी भी नज़र का बुरा प्रभाव समाप्त होगा।
हनुमान चालीसा की इस चौपाई का पाठ करें 
भूत पिशाच निकट नही आवै 
महावीर जब नाम सुनावै।
इस चौपाई का अगरबती या दीपक जलाकर 108बार जप करें।
महीने मॆ एक बार घर के प्रत्येक कोने की सफाई करें।
घर मॆ मोरपंख अवश्य लाकर रखें।
रुद्राक्ष का अभिमंत्रित लॉकेट गले में पहने और घर के बाहर एक त्रिशूल में जड़ा ॐ का प्रतीक दरवाजे के ऊपर लगाएं। सिर पर चंदन, केसर या भभूति का तिलक लगाएं। हाथ में मौली (नाड़ा) अवश्य बांध कर रखें। 

दीपावली के दिन सरसों के तेल का या शुद्ध घी का दिया जलाकर काजल बना लें। यह काजल लगाने से भूत, प्रेत, पिशाच, डाकिनी आदि से रक्षा होती है और बुरी नजर से भी रक्षा होती है।

घर में रात्रि को भोजन पश्चात सोने से पूर्व चांदी की कटोरी में देवस्थान या किसी अन्य पवित्र स्थल पर कपूर तथा लौंग जला दें। इससे आकस्मिक, दैहिक, दैविक एवं भौतिक संकटों से मुक्त मिलती है। 

प्रेत बाधा दूर करने के लिए पुष्य नक्षत्र में चिड़चिटे अथवा धतूरे का पौधा जड़सहित उखाड़ कर उसे धरती में ऐसा दबाएं कि जड़ वाला भाग ऊपर रहे और पूरा पौधा धरती में समा जाएं। इस उपाय से घर में प्रेतबाधा नहीं रहती और व्यक्ति सुख-शांति का अनुभव करता है। 

प्रेत बाधा निवारक हनुमत मंत्र - ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रैं ऊँ नमो भगवते महाबल पराक्रमाय भूत-प्रेत पिशाच-शाकिनी-डाकिनी-यक्षणी-पूतना-मारी-महामारी, यक्ष राक्षस भैरव बेताल ग्रह राक्षसादिकम्‌ क्षणेन हन हन भंजय भंजय मारय मारय शिक्षय शिक्षय महामारेश्वर रुद्रावतार हुं फट् स्वाहा।

महीने मॆ एक बार गंगाजल का पूरे घर मॆ छिड़काव करें।
पानी मॆ गोमूत्र डालकर पूरे घर मॆ पोंछा अवश्य लगाये।
रात मॆ झूठी थाली या झूठन खुला छोड़कर ना सोये।
फ्रिज मॆ बचा हुआ आटा न रखे।
उपरोक्त उपाय करने से आप बुरी नज़र या किसी भी तरह के बुरे प्रभाव से निश्चित रूप से बचेंगे।
*प.चंद्रशेखर नेमा "हिमांशु"*
9893280184,7000460931

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