राशि के अनुसार जानिए किस विभाग में हैं सरकारी नौकरी का योग | JYOTISH for GOVT JOB

Tuesday, January 9, 2018

सरकारी नौकरी मिलना यानी जीवन में सर्वोच्च सफलता मिलने के समान है। सभी प्रकार की चिंताओं से मुक्ति, मान सम्मान अलग। नवग्रहों में सूर्य को ग्रहों का राजा कहा जाता है, सूर्य कृपा से ही जातक GOVERNMENT JOB और प्रतिष्ठा प्राप्त करता है। नवग्रहों में गुरु ग्रह को राज्यकृपा का कारक माना जाता है, जिन राशियों में ये दो ग्रह शुभ भाव लग्न, राज्य, पंचम, और राज्यकृपा के कारक होते है उन्हे तुरंत शासकीय सेवा (GOVERNMENT SERVICE) मिलती है। पत्रिका में सूर्य और गुरु ग्रह की बलवान स्थिति के अनुसार ही व्यक्ति राज्य सेवा में उच्चपद पाता है। आइये देखते है सभी राशियों में शासकीय नौकरी के योग: 

मेष*-यह राशि सूर्य की उच्च राशि है, इस राशि की पत्रिका में राज्य का स्वामी सूर्य तथा राज्यकृपा का स्वामी गुरु क्रमशः पंचम (विशिष्ट चयन) तथा भाग्य स्थान के स्वामी होते है, इसीलिये इस राशि वाले अधिकतर राज्य सेवा में जाते है। कलेक्टर, पुलिस प्रमुख आदि इस राशि वाले ही बनते है।

वृषभ*-यह राशि चंद्र की उच्च राशि है। चंद्र को भी राज्य का कारक ग्रह माना गया है। सूर्य इस राशि में सुख स्थान का स्वामी होता है, लेकिन गुरु ग्रह इस पत्रिका में अकारक होता है, इस राशि वालो को जल, पर्यटन, नदी, समुद्र ,मत्स्य पालन, दूध डेरी से जुड़े विभागों में शासकीय नौकरी मिल सकती है। गुरु ग्रह अकारक होने के कारण नौकरी में उन्नति में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

मिथुन*-इस राशि का स्वामी बुध ग्रह आकाशमंडल में युवराज के पद में सुशोभित है, संचार, शिक्षा, बैंक, परिवहन, वित्तीय संस्था आदि में शासकीय नौकरी के योग बनते हैं। सूर्य इस पत्रिका में पराक्रम स्थान का स्वामी होने से विशेष बलि नही होता, गुरु इस पत्रिका में राज्य और व्यापार का स्वामी होकर यदि भाग्य, पंचम, लाभ भाव में स्थित हो तो शासकीय सेवा का योग बनता है, लेकिन सूर्य की प्रतिकूल स्थिति उन्नति में रुकावट खड़ी करती है।

कर्क* यह राशि राज्यकृपा के स्वामी गुरु की उच्च राशि होती है, शासकीय सेवा के लिये यह अत्यंत प्रिय राशि है, सूर्य राज्य स्थान में उच्च राशि का होता है,वही आकाशमंडल का सेनापति मंगल राज्य और शिक्षा स्थान का स्वामी होकर परमकारक होता है,गुरु भाग्य स्थान का स्वामी होता है,ऐसे लोग प्रधानमंत्री,मुख्यमंत्री,राज्यपाल तथा राज्य के प्रमुख पदों पर होते है।

सिंह*-इस राशि का स्वामी सूर्य होता है,पंचम भाव का स्वामी गुरु आकाशमंडल का सेनापति इस राशि के लिये चतुर्थ और भाग्य स्थान का स्वामी होता है,इसीलिये इस राशि के स्वामी सभी प्रकार की सेना विशेषकर थल और वायुसेना,सभी प्रकार के सुरक्षाबलों में शासकीय नौकरी पाते है,इनकी उन्नति के भी विशेष योग होते है।

कन्या*इस राशि का स्वामी बुध वित्त,परिवहन,संचार,शिक्षा आदि का स्वामी होता है,सूर्य इस राशि में अकारक होने से शासकीय सेवा में खास योग नही बनते,यदि पत्रिका में गुरु शुभ हो तो उपरोक्त विभागों में नौकरियों के योग बनते है।

तुला*-यह शनिदेव की उच्च राशि है,इस राशि के लिये गुरु और सूर्य अकारक होते है,इस राशि वाले गुरु और सूर्य की उत्तम स्थिति के कारण स्वास्थय,नगरपालिका निगम,राजनीति के प्रमुख पदों पर जाते है,ऐसे लोग समाजसेवा व राजनीति में विशेष सफल होते है।

वृश्चिक*-राज्यकृपा के मामले में यह राशि परम भाग्यशाली राशि मानी जाती है, सूर्य, चंद्र, मंगल, गुरु इस पत्रिका में राज्य, भाग्य, लग्न,पंचम तथा धन भाव के स्वामी होते है, यदि ग्रहों की जमावट ठीक ठाक हो तो ऐसे व्यक्ति आसानी से राज्य की नौकरी पा लेते है, सेना, पुलिस, रक्षा प्रतिरक्षा, जल, नदी समुद्र, वित्त और शिक्षा से जुड़ी शासकीय नौकरियों में ऐसे लोग खास सफलता पाते है।

धनु*-यह राशि भी राज्यकृपा में उच्चपद दिलाने में सहायक होती है सूर्य इस राशि के लिये भाग्यस्थान का स्वामी होता है। गुरु इस पत्रिका में लग्न और सुख स्थान का स्वामी होकर राज्य की नौकरियों में उच्च पद दिलाता है, वायुसेना, थलसेना, वित्त, शिक्षा, रक्षा, प्रतिरक्षा से जुड़े विभागों में ये व्यक्ति खास सफलता प्राप्त करते है।

मकर*-शासकीय सेवा के लिये यह थोड़ी कमजोर राशि है, गुरु, सूर्य, चंद्र, मंगल इस राशि के लिये अकारक होते है, शनि और शुक्र के प्रभाव वाली यह राशि पर्यटन, फिल्म, फैशन, विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता पाती है। इस राशि वाले यदि विदेश में जाकर करियर बनाये तो उन्हे खास सफलता मिलती है। इन्हे प्राइवेट क्षेत्र और विदेश से जुड़े कार्य करना चाहिये।

कुम्भ*-शनि,शुक्र ग्रह की अतिप्रिय यह राशि शनि, शुक्र ग्रह से जुड़े विभाग, फिल्म, वाहन
सराफा, रत्न जवाहरात, फिल्म फैशन, तेल, भवननिर्माण, विदेश वित्त आदि में खास सफलता प्राप्त करते है, सूर्य और गुरु के कमजोर होने से शासकीय क्षेत्र में सामान्य लेकिन विदेश आदि से खास सफलता मिलती है।

मीन*-गुरु के चंद्र के खास प्रभाव वाली यह राशि शिक्षा, वित्त, जल परियोजना, नदी, समुद्र, मत्स्य पालन आदि के कार्यों में शासकीय क्षेत्र में खास सफलता पाते है।
*प.चंद्रशेखर नेमा"हिमांशु"*
9893280184,7000460931

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