छग BJP नेता ने शिक्षाकर्मियों को मजदूर और छोटा कर्मचारी कहा | EMPLOYEE NEWS

Monday, January 29, 2018

जगदलपुर। भारतीय जनता पार्टी के नेता छत्तीसगढ़ संनिर्माण कर्मचारी मंडल के अध्यक्ष मोहन एंटी द्वारा प्रदेश के सबसे बड़े कर्मचारी समूह शिक्षक पंचायत संवर्ग शिक्षाकर्मी को मजदूर और छोटा कर्मचारी कहने पर बस्तर जिले में भी शिक्षाकर्मी खासा नाराज हैं। शिक्षाकर्मियों से जुड़े कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने एंटी के बयान को छोटी मानसिकता का बयान बताते हुए कहा है कि आखिर जुबा पर मन की बात आ ही गई। 

भाजपा पिछले चौदह सालों से प्रदेश में सरकार चला रही है और शिक्षाकर्मी भी सालों से सरकार के सामने शिक्षक संवर्ग में भेदभाव खत्म करने की मांग करते रहे हैं पर आज तक कोई फर्क नहीं पड़ा। पदाधिकारियों का कहना है कि भाजपा नेता एंटी को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के शिक्षाकर्मियो के संविलियन की घोषणा के दौरान दिए गए बयान को सुनना चाहिए। जिन्होंने बता दिया कि शिक्षा व्यवस्था में शिक्षाकर्मियों की क्या भूमिका है।

विदित हो कि शनिवार को रायपुर एक निजी चैनल के कार्यक्रम में शिक्षाकर्मियों को मजदूर और छोटा कर्मचारी कहकर संबोधित किया था। जिसके बाद से माहौल एकाएक गरमा गया है। छग पंचायत एवं नगरीय निकाय मोर्चा के जिला अध्यक्ष राजेश गुप्ता मोहन एंटी के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि दुनिया की सबसे बड़े राजनैतिक दल भाजपा के प्रवक्ता के तौर पर कार्यक्रम में शामिल नेता को सोच समझकर बोलना चाहिए। शिक्षाकर्मी गुरूजी हैं और शिक्षा की अलख जगा रहे हैं।

मजदूर और छोटा कर्मचारी कहना निंदनीय है। ऐसे छोटी सोच वाले नेता को पार्टी का प्रवक्ता बनाकर सामने लाने से पार्टी की ही गरिमा गिरती है। राजेश गुप्ता ने कहा कि शिक्षाकर्मियों की ऐसी स्थिति बनाने के लिए जिम्मेदार कौन हैं यह भी भाजपा नेता को बताना चाहिए था।

भाजपा नेता द्वारा शिक्षाकर्मियों की मजदूरों से तुलना करने की जरूरत क्यों पड़ी, किन कारणों से शिक्षाकर्मियों की हालत मजदूरों जैसी बनी हुई है, इन सब बातों को जनता के सामने रखना चाहिए था। यह बात छग पंचायत एवं नगरीय निकाय मोर्चा के जिला सचिव शिव सिंह चंदेल ने कही है।

उन्होंने कहा कि शिक्षाकर्मियों की गरिमा गिराने वाला बयान देकर भाजपा नेता मोहन एंटी ने अपने मन की बात कह दी है वे जिस पार्टी से जुड़े हैं क्या उनकी पार्टी उनके बयान से सहमत है यह जानना भी जरूरी हो गया है। शिव सिंह चंदेल ने कहा कि शिक्षाकर्मियों के प्रति एंटी की सोच निंदनीय है। एंटी ने कम से कम शिक्षकीय कार्य करने वालों की गरिमा का तो ख्याल रखा होता।

संयुक्त शिक्षाकर्मी संघ के जिला अध्यक्ष शैलेन्द्र तिवारी ने भी भाजपा नेता द्वारा शिक्षाकर्मियों को मजदूर और छोटा कर्मचारी बताने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि भाजपा जैसी राष्ट्रीय पार्टी के नेता को कोई भी बयान सोच समझकर देना चाहिए। उन्होंने शिक्षाकर्मियों की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। यह सही है कि शिक्षाकर्मी भेदभाव के शिकार हैं। शिक्षाकर्मी बेबस हैं किंतु आज की प्रायमरी से लेकर हायरसेकेंडरी तक की शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकीय कार्य के आधार भी यही हैं।

भाजपा नेता के हिसाब से शिक्षाकर्मी, मजदूर और छोटे कर्मचारी हैं तो उनकी पार्टी को चाहिए कि वह शिक्षाकर्मियों को मजदूर से शिक्षक बना दें। काश भाजपा नेता हो संनिर्माण कर्मचारी मंडल के अध्यक्ष भी हैं जो बातें टीव्ही चैनल के सामने कह रहे हैं वह बातें वह अपनी पार्टी के फोरम में रखते।

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