विदेशी मोबाइल और टीवी महंगे, TAX बढ़ा | business news

Saturday, December 16, 2017

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को बड़ा फैसला लेते हुए विदेशी मोबाइल, टीवी और माइक्रोवेव पर कस्टम ड्यूटी (COSTOM DUTY for IMPORTED MOBILE, TV AND MICROWAVE) बढ़ा दी है। इसके बाद इनकी कीमतों में बढ़ोतरी होगी। खबरों के अनुसार केंद्र सरकार ने मेक इन इंडिया (MAKE IN INDIA) को भढ़ावा देने के लिए जहां मोबाइल फोन्स पर कस्टम ड्यूटी 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी है। वहीं टीवी और माइक्रोवेव्स पर इसे 20 प्रतिशत तक कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार की मेक इन इंडिया स्कीम को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया है। बता दें कि सरकार ने जुलाई में GST लागू करने के साथ ही विदेशी मोबाइल फोन्स पर पहली बार कस्टम ड्यूटी लगाई थी।

दिल्ली के कारोबारी एमसीडी टैक्स से नाराज
नई दिल्ली। एमसीडी के बजट में प्रॉपर्टी टैक्स बढाने और प्रफेशनल टैक्स लगाने के प्रस्ताव पर व्यापारियों ने नाराजगी जताई है। आप ट्रेड विंग ने एमसीडी के टैक्स प्रस्तावों के खिलाफ आंदोलन करने की बात कही है। ट्रेड विंग का कहना है कि एमसीडी चुनाव से पहले बीजेपी ने प्रॉपर्टी टैक्स घटाने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद वह वादाखिलाफी कर रही है। व्यापारी पहले से ही इनकम टैक्स भरते हैं और अलग से प्रफेशनल टैक्स लगाने का कारण समझ में नहीं आता।

आप ट्रेड विंग के कन्वीनर बृजेश गोयल और अध्यक्ष सुभाष खंडेलवाल ने कहा कि अगर टैक्स लगाने का प्रस्ताव पास हो गया तो व्यापारी आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारी मिल रही है कि दिल्ली के इंडस्ट्रियल एरिया में भी एमसीडी टैक्स का बोझ डालने जा रही है, जबकि इंडस्ट्रियल एरिया में सारी सुविधाओं के साथ रखरखाव का काम डीएसआईआईडीसी का है। एमसीडी इंडस्ट्रियल एरिया में किसी भी तरह की सुविधा नहीं देती है ऐसे में फैक्ट्री मालिकों पर अलग से टैक्स का बोझ डालना सही नहीं है। गोयल ने बताया कि दिल्ली के व्यापारी और और फैक्ट्री मालिक एमसीडी के प्रस्तावों का कड़ा विरोध कर रहे हैं। एमसीडी अपने घाटे का हवाला देकर जनता पर टैक्स का बोझ डालना चाह रही है। अगर एमसीडी अपने काम करने के तरीके और अंदर फैले भ्रष्टाचार पर ध्यान दे तो उसका घाटा दूर हो सकता है

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