PAN और AADHAAR नंबर लिंक: केंद्र सरकार देगी राहत | NATIONAL NEWS

Monday, December 4, 2017

नई दिल्ली। PAN AND AADHAAR NUMBER LINK करने के मामले में केंद्र सरकार आम नागरिकों को एक और राहत देने वाली है। NARENDRA MODI GOVERNMENT इसके लिए फिक्स की गई लास्ट डेट 31 दिसम्बर 2017 बदलने वाली है। अब यह 30 जून 18 या 31 मार्च 18 हो सकती है। बता दें कि भारत के महाराष्ट्र, ओडिसा, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा में आम नागरिक चाहते हैं कि उन्हे यह राहत दी जाए। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक सरकार इसके लिए तीन से छह महीने का समय दे सकती है।

इस समयसीमा के बाद भी पैन को आधार से नहीं जोड़ने वाले लोगों के पैन रद किए जाएंगे। ऐसा होने से सभी जाली पैन व्यवस्था से बाहर हो जाएंगे और बेनामी लेनदेन स्वतः समाप्त हो जाएंगे। गौरतलब है कि SUPREME COURT में आधार की अनिवार्यता पर सुनवाई चल रही है। अभी पैन को आधार से जोड़ने के लिए आयकर विभाग ने 31 दिसंबर की अंतिम तारीख निर्धारित की है।

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इस समयसीमा को 31 मार्च 2018 तक बढ़ाने की बात कही है। अधिकारी ने बताया कि यदि सुप्रीम कोर्ट आधार और पैन लिंकिंग को अनिवार्य करने के सरकार के कदम के पक्ष में फैसला देता है तो तीन से छह महीने का अतिरिक्त समय दिया जा सकता है। सभी पैनधारक इस अवधि में अपने पैन को आधार से जोड़ सकेंगे। नवंबर के आखिर तक देश में 33 करोड़ पैन में से 13.28 करोड़ पैन आधार से जोड़े जा चुके हैं।

अधिकारी ने कहा, 'पैन और आधार को जोड़ने के इस कदम का लक्ष्य जाली पैन को व्यवस्था से हटाना है। कुछ लोगों ने कर चोरी के लिए एक से ज्यादा पैन बनाए हुए हैं। आखिरी तारीख तक भी जो पैन आधार से नहीं जुड़े होंगे, उन्हें अवैध करार दे दिया जाएगा।' आयकर रिटर्न भरने और नया पैन पाने के लिए सरकार आधार को अनिवार्य कर चुकी है।

अधिकारी ने बताया कि जाली पैन अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा हैं। जाली पैन बनवाने वाले लोग इनकी मदद से बैंक खाते खोलते हैं और कर चोरी करते हैं। ऐसे लोग बड़े लेनदेन भी करते हैं और रिटर्न भी नहीं भरते। 

सरकार आधार से नहीं जुड़ने वाले सभी जाली पैन रद करना चाहती है। इससे बेनामी लेनदेन पर भी लगाम लग जाएगी। सुप्रीम कोर्ट में इस समय आधार को बैंक खाते, मोबाइल नंबर, पैन और कई सरकारी योजनाओं के लिए अनिवार्य करने को लेकर सुनवाई चल रही है। जरूरत पड़ने पर सर्वोच्च अदालत संविधान पीठ भी गठित कर सकती है।

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