क्राइम मीटिंग की अध्यक्षता DM करेंगे: CS के आदेश पर विवाद | BUREAUCRACY

Tuesday, December 12, 2017

नई दिल्ली। उत्तरप्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार / CS RAJEEV KUMAR के एक आदेश ने नौकरशाहों के बीच तनाव पैदा कर दिया है। एक बार फिर IAS और IPS लॉबी एक दूसरे के सामने आ गईं हैं और खुद को महत्वपूर्ण बता रहीं हैं। पुलिस का कहना है कि उनके कार्यक्षेत्र में आईएएस लॉबी का दखल तो पहले से ही था, अब घुसपैठ शुरू कर दी है। CS ने एक आदेश जारी किया है कि जिलों में होने वाली क्राइम मीटिंग / CRIME MEETING की अध्यक्षता DM करेंगे। इसी के साथ यह विवाद शुरू हो गया है। अब तक यह मीटिंग SSP या SP करते थे। 

थानाध्यक्षों के TRANSFER भी डीएम करेंगे
इसी तरह थानाध्यक्षों की तैनाती / POSTING में भी डीएम की सलाह अनिवार्य कर दी गई है। इस मामले को लेकर आईपीएस एसोसिएशन ने मंगलवार को आपात बैठक बुलाई है। आईपीएस अधिकारियों का कहना है कि यह आदेश पुलिस विभाग के कार्यों में हस्तक्षेप है। प्रशासनिक प्रमुख होने के नाते डीएम कानून-व्यवस्था की निगरानी तो कर सकते हैं, लेकिन जहां तक अपराध नियंत्रण का मामला है, तो यह सिर्फ पुलिस के क्षेत्राधिकार का मामला है। इस आदेश से पुलिस अधिकारियों का मातहतों पर नियंत्रण भी कमजोर पड़ सकता है।

यह तो पुरानी व्यवस्था है: आईएएस लॉबी
उधर, आईएएस लॉबी का तर्क है कि यह व्यवस्था पहले से ही चली आ रही है। पुलिस मैनुअल में डीएम को ‘हेड ऑफ द क्रिमिनल एडमिनिट्रेशन’ माना गया है। जब डीएम, एडीएम या एसडीएम थाने का मुआयना कर सकता है तो क्राइम मीटिंग में डीएम की मौजूदगी को गलत नहीं माना जाना चाहिए। पहले भी थानेदारों की नियुक्ति डीएम की ही संस्तुति से होती थी।

DGP भी CS के आदेश से नाराज
जिले की क्राइम मीटिंग में डीएम की अध्यक्षता करने संबंधी आदेश पर डीजीपी सुलखान सिंह / DGP SULKHAN SINGH दफ्तर ने भी आपत्ति दर्ज करा दी है। डीजीपी की ओर से शासन को भेजे गए पत्र में सुझाव दिया गया है कि डीएम कानून-व्यवस्था की समीक्षा तो कर सकते हैं, लेकिन क्राइम मीटिंग में डीएम की अध्यक्षता से पुलिस अधीक्षक की अथॉरिटी कमजोर होगी। अपराध नियंत्रण में भी दिक्कतें होंगी। शांति व्यवस्था कायम करने में मजिस्ट्रेट व सीओ के समन्वय से काम होना चाहिए।  

आदेश अव्यवहारिक है: IPS ASSOCIATION
आईपीएस एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण सिंह का कहना है कि यह आदेश अव्यावहारिक है। क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेसी का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। एक-दो दिन में आईपीएस एसोसिएशन की बैठक करके इस मुद्दे पर विचार कर शासन को सुझाव भेजा जाएगा।

डीएम ही जिले का जिम्मेदार है: IAS ASSOCIATION
आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीर कुमार ने कहा कि यह व्यवस्था तो बहुत पहले ही चली आ रही है। डीएम को जिले की सारी व्यवस्था के लिए जिम्मेदार माना जाता है। वैसे भी आईएएस व आईपीएस मिलकर काम करते हैं। इसे किसी के कार्यक्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं माना जाना चाहिए।

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