भारत के सबसे बड़े और घिनौने रेपकांड का खुलासा, सैंकड़ों लड़कियां शिकार! | crime news

Thursday, December 21, 2017

नई दिल्ली। यहां देश के सबसे बड़े और घिनौने यौन शोषण कांड का खुलासा हुआ है। एक आश्रम में सैंकड़ों लड़कियों के शिकार होने की संभावना है। कुल कितनी लड़कियां शिकार हुईं इसका पता लगाया जा रहा है। हालात यह है कि रिपोर्ट देखकर हाईकोर्ट भी सन्न रह गया। उसने इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की है। ज्यादातर पीड़िताएं नाबालिग हैं। इनके माता पिता से हलफनामा भरवाया गया ताकि कोई शिकायत ना कर पाए। आरोप है कि बाबा प्रतिदिन नशा करके कम से कम 10 लड़कियों को यौन शोषण करता था। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश की राजधानी दिल्ली में स्पिरिचुअल यूनिवर्सिटी के नाम से बने इस आश्रम का हर हिस्सा रहस्यमयी है। 

पुलिस टीम को मिले आपत्तिजनक वीडियो
रिपोर्ट के अनुसार रोहिणी के विजय विहार एरिया में स्पिरिचुअल यूनिवर्सिटी के नाम से आश्रम चलाने वाला वीरेंद्र देव दीक्षित खुद को कृष्ण बताता था। वह हमेशा महिला शिष्यों के बीच ही रहना पसंद करता था। वीरेंद्र ने 16 हजार महिलाओं के साथ संबंध बनाने का टारगेट रखा था। हाईकोर्ट के निर्देश पर मंगलवार देर रात आश्रम की जांच करने पहुंची महिला आयोग और दिल्ली पुलिस की टीम को मिले वीडियो में यह बात सामने आई। इसके बाद हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।

हाईकोर्ट ने की सीबीआई जांच की सिफारिश

आश्रम में नाबालिग लड़कियों और महिलाओं को बंधक बनाकर सेक्शुअल हैरसमेंट के आरोप के बाद एक एनजीओ ने कोर्ट में गुहार लगाई थी। कोर्ट ने इसे गंभीर बताते हुए मंगलवार को महिला आयोग को जांच का आदेश दिया था। कार्रवाई के बाद टीम ने बुधवार को हाईकोर्ट को रिपोर्ट सौंपी। एडिशनल चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी हरिशंकर ने कहा कि यह राम-रहीम जैसा मामला हो सकता है। सीबीआई जांच होनी चाहिए। इससे पहले वीरेंद्र के शिष्यों ने आश्रम पर रेड मारने पहुंची टीम को एक दायरे से ज्यादा आगे नहीं जाने दिया। टीम ने इसी दायरे में तलाशी ली तो बाबा के अश्लील वीडियो और किताबों समेत कई आपत्तिजनक सामान मिले।

लड़कियों को दी जाती थी नशीली दवाएं
टीम को मिले वीडियो में सामने आया कि वीरेंद्र खुद को कृष्ण बताता और गोपियों के रूप में लड़कियों को संबंध बनाने के लिए राजी करता था। आश्रम में लड़कियों को पांच दिन तक एक कमरे में बंद रखा जाता था। इसके बाद बाबा का वीडियो दिखाकर उनका ब्रेनवॉश किया जाता था। दिल्ली वुमन कमीशन की प्रेसिडेंट स्वाति जयहिंद ने बताया कि महिलाओं को नशीली दवाएं दी जाती थीं।

लड़कियां बोलीं- वे दीक्षा ले रही हैं
जांच करने पहुंची टीम ने महिलाओं से पूछा तो उन्होंने बताया कि वह दीक्षा ले रही हैं, लेकिन वहां कोई धार्मिक ग्रंथ नहीं मिला। चार मंजिला आश्रम के अंदर बोर्ड पर लिखा था- आपसे कोई पूछे कैसे हो तो बताना-ठीक हैं और खुश हैं। पड़ोसियों ने कहा, "रात में लड़कियां यहां से आती-जाती हैं। यहां सेक्स रैकेट चलता है। ज्यादा उम्र होने के बाद महिलाओं को बाहर निकाल दिया जाता है। कई राज्यों की लड़कियां यहां रहती हैं। इनमें प्रमुख रूप से उड़ीसा, बंगाल, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, राजस्थान शामिल हैं।"

10 रुपए के स्टैम्प पर लिखवाता था रजामंदी
हाईकोर्ट में पिटीशन लगाने वाली सीमा शर्मा के मुताबिक, इस आश्रम में नाबालिग बच्चियों को दीक्षा देने की बात कहकर लाया जाता है। बच्चियों के परिवारवाले हर महीने रुपए भी भेजते हैं। पेरेंट्स से 10 रुपए के स्टैम्प पेपर पर उनकी रजामंदी का हलफनामा भरवाया जाता था। 18 साल की होने पर लड़कियों को एक कागज पर सिग्नेचर करने पड़ते थे। इसमें लिखा रहता था कि वे स्वेच्छा से रह रही हैं।

10 लड़कियों का रोजाना यौन शोषण

आश्रम की पांचवीं मंजिल पर टीन शेड है। यहां बगैर परमिशन के कोई नहीं जा सकता। यहां ध्यान केंद्र से हर जगह पर नजर रखी जाती है। महिलाओं के सोने की जगह पर भी। दिल्ली वुमन कमीशन की प्रेसिडेंट स्वाति जयहिंद ने बताया कि यह आश्रम नहीं, छावनी है। हर कदम पर मेटल गेट है, जिन पर ताले लगे रहते हैं। हाईकोर्ट में पिटीशन लगाने वाली सीमा शर्मा ने आरोप लगाया कि बाबा नशा करके रोज 10 लड़कियों के साथ दुष्कर्म करता था।

कैसे हुआ था खुलासा?
राजस्थान की एक महिला वीरेंद्र देव के आश्रम में अनुयायी बनकर रह चुकी थी। उसने अपनी चारों बेटियों को भक्ति के लिए छोड़ा था, जिसमें एक नाबालिग है। नाबालिग बच्ची ने मां को बताया कि बाबा ने उसके साथ रेप किया। इस पर महिला और उसके पति ने बाबा पर रेप का केस दर्ज कराया। बाद में पूरा मामला सामने आ गया। बाबा पर रेप समेत कई धाराओं में 11 मामले दर्ज हैं। पुलिस इन सभी की जांच कर रही है। इसमें विक्टिम्स ने कृष्ण अवतार का ढकोसला समेत सारी बातें बताई हैं।

कौन है बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित
रेप का आरोपी बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित मूलरूप से यूपी के फर्रुखाबाद का रहनेवाला है। इसके अध्यात्मिक विश्वविद्यालय दिल्ली के अलावा कंपिल व मोहल्ला सिकत्तर बाग में भी संचालित हैं। आश्रमों में हर उम्र की अनुयायी रहती हैं। 16 अप्रैल 1998 को कोलकाता निवासी एक अनुयायी के परिजनों ने फर्रुखाबाद के कंपिल आकर आश्रम में पुत्री को बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया था। तब भी जमकर बवाल हुआ था। बाद में बाबा के खिलाफ पुलिस ने बिजली चोरी, रेप व पुलिस पर हमला करने के आरोप में फर्रुखाबाद जिले के कंपिल थाने में कई मुकदमे दर्ज किए थे। जिसमें बाबा को जेल जाना पड़ा था। इसी के बाद से आश्रम चर्चा में आए थे।

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