मंत्री VISHVAS SARANG के खिलाफ गैस पीड़ित लामबंद

Wednesday, November 8, 2017

भोपाल। भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ, भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा, भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा, भोपाल ग्रुप फॉर इन्फॉरर्मेशन एंड एक्शन, डाव कार्बाइड के बच्चे, आदि गैस पीड़ित संगठन के पदाधिकारी अब मंत्री विश्वास सारंग के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। उनका आरोप है कि मंत्री ने सिवाए बयान जारी करने के 1 साल में कुछ भी नहीं किया। एक प्रेस मीटिंग बुलाकर उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की है। मंत्री विश्वास सारंग नरेला भोपाल से विधायक भी हैं। गैस पीड़ितों की यह नाराजगी उन्हे 2019 में आ रहे चुनावों पर भी भारी पड़ सकती है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि सारंग अपनी विधानसभा से शिफ्ट होने का मन बना रहे हैं। 

भोपाल ग्रुप फॉर इन्फॉर्मेशन एंड एक्शन के सतीनाथ षडंगी ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए आरोप लगाया है कि विश्वास सारंग के मंत्री के रूप में उपलब्धि सिर्फ सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने की है। बीते एक वर्ष के कार्यकाल में मंत्री सारंग ने सिर्फ बयानबाजी कर मीडिया में छाए रहने की कोशिश की है। गैस पीड़ितों के लिए मंत्री सारंग ने एक साल में कुछ भी काम नहीं किया है। सतीनाथ षडंगी ने आगे आरोप लगाए है कि बीते 9 जुलाई 2016 को मंत्री विश्वास सारंग ने कहा था कि भोपाल गैस पीड़ितों के स्वास्थ्य तथा सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति पर वैज्ञानिक रिपोर्ट तीन महीने में पूर की जाएगी। 

इसी के आधार पर गैस पीड़ितों के इलाज, रोजगार, पेंशन और अन्य जरूरी सुविधाएं देने का काम किया जाएगा। मंत्री सारंग के इस बयान को आज 17 महीनों से ज्यादा समय गुजर चुका है, लेकिन अभी तक न तो रिपोर्ट बनी और न ही कोई असरदार काम किया गया।

सतीनाथ षडंगी का कहना है कि दिसंबर 2016 में मंत्री सारंग ने सभी गैस पीड़ितों के लिए ‘बार कोडेड’ स्मार्ट कार्ड बनवाने की घोषणा की थी। उनका वादा था कि स्मार्ट कार्ड से पीड़ितों के इलाज में बेहतरी होगी तथा अलग—अलग अस्पतालों के बीच समन्वय स्थापित हो सकेगा। इस घोषणा को एक साल होने को हैं और आज तक एक भी गैस पीड़ित का ‘बार कोडेड’ स्मार्ट कार्ड नहीं बन पाया है। मंत्री विश्वास सारंग ने जुलाई 2016 में गैस राहत अस्पतालों की रिक्त पदों की बात कही थी और मौजूदा समय तक अस्पतालों में विशेषज्ञों के 80 प्रतिशत से ज्यादा और चिकित्सकों के 30 प्रतिशत पद भरे नहीं गए हैं।

सतीनाथ षडंगी का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट में गैस पीड़ितों के अतिरिक्त मुआवजे के लिए दायर सुधार याचिका में गैस कांड की वजह से हुई मौतों एवं बीमारियों के आंकड़े सुधारने के कई आश्वासनों के बावजूद आज तक मंत्री सारंग ने इस संबंध में सिर्फ लफ्फाजी के अलावा कोई ठोस काम नहीं करके दिखाया है। इसके अलावा गैस पीड़ित विधवाओं को 1 हजार रुपए प्रतिमाह की पेंशन देने का मामला भी मंत्री सारंग के कार्यकाल में ठंडे बस्ते में चल गया है।

पत्रकार वार्ता में भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ, भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा, भोपाल गैस पीड़ित महिला पुरुष संघर्ष मोर्चा, भोपाल ग्रुप फॉर इन्फॉरर्मेशन एंड एक्शन, डाव कार्बाइड के बच्चे, आदि गैस पीड़ित संगठन के पदाधिकारी उपस्थित थे। संगठनों ने मंत्री विश्वास सारंग पर तंज कसा है कि ‘ दिल्ली के मंत्री तो बड़ी बड़ी फेंकते हैं पर अपने मंत्री भी इस मामले में कम नहीं है’।

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