भारत की आधी ऑनलाइन आबादी रिटेल फ्रॉड की शिकार | ONLINE FRAUD

Saturday, November 25, 2017

नई दिल्ली। जालसाज और ठगों के लिए भारत एक बड़ा बाजार बन गया है। ऑनलाइन खरीदी या लेनदेन करने वाले करीब आधे लोग धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैं। चौंकाने वाली बात तो यह है कि इनमें से ज्यादातर लोगों ने ठगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। एक्सपर्ट्स के अनुसार- भारत में प्रति व्यक्ति के हिसाब से उपभोक्ताओं के पास अधिकतम शॉपिंग ऐप्स मौजूद हैं। इनमें से भारत में 48 फीसद उपभोक्ता रिटेल फ्रॉड का शिकार हुए हैं। अन्य एशियाई देशों की तुलना में भारत में ऑनलाइन फ्रॉड की घटनाएं ज्यादा होती हैं। हालांकि यहां लोग ऐसे फ्रॉड की अनदेखी भी ज्यादा करते हैं। अगर कंपनी दोबारा फ्रॉड नहीं होने का भरोसा दिलाए, तो लोग अक्सर उसे मान लेते हैं। एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है।

भारत में ऑनलाइन फ्रॉड सबसे ज्यादा
भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र के उन चार प्रमुख देशों में से है, जहां भुगतान के लिए डिजिटल माध्यम को अपनाने की प्रक्रिया सर्वाधिक है। डिजिटल बैंकिंग अकाउंट साइन-अप और उनका इस्तेमाल भी इन देशों में ज्यादा हो रहा है। क्षेत्र के 10 देशों में बिजनेस सर्विस कंपनी एक्सपेरियन के सर्वेक्षण में डिजिटल फ्रॉड को लेकर कई बातें सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, डिजिटल लेनदेन वाले चार प्रमुख देशों में से भारत में सर्वाधिक धोखाधड़ी की घटनाएं होती हैं।

इस रिपोर्ट में वित्तीय सेवाओं (बीमा क्षेत्र समेत), रिटेल और टेलीकॉम सेक्टर के फ्रॉड का विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया कि ढेरों फ्रॉड होने के बावजूद भारतीय लोग इनके प्रति ज्यादा सख्त रवैया नहीं अपनाते। अगर संबंधित कंपनी या बैंक दोबारा फ्रॉड नहीं होने का भरोसा दिलाए तो कभी-कभार छोटे नुकसान को यहां के लोग आसानी से स्वीकार भी कर लेते हैं। भारतीय रिटेल क्षेत्र में धोखाधड़ी के सबसे ज्यादा मामले आते हैं। इस क्षेत्र में कुल कारोबार के करीब पांच फीसद तक धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं।

SHARE WITH YOU FRIENDS

-----------

CHOOSE YOUR FAVOURITE NEWS CATEGORY | कृपया अपनी पसंदीदा श्रेणी चुनें


Popular News This Week

खबरें जो आज भी सुर्खियों में हैं