सिंहस्थ टंकी घोटाला: सब इंजीनियर सस्पेंड, टंकियां अब भी लापता | MP NEWS

Wednesday, November 29, 2017

उज्जैन। सिंहस्थ महाकुंभ 2016 के दौरान हुए टंकी खरीदी घोटाले में पीएचई के सब इंजीनियर मुकेश गर्ग को सस्पेंड कर दिया गया है। गर्ग को इस मामले का दोषी माना गया है। अब उनके खिलाफ विभागीय सुनवाई शुरू होगी। बता दें कि सरकार ने सिंहस्थ में पेयजल आपूर्ति के लिए 2000 लीटर की 500 टंकियां और 400 स्टेंड खरीदे थे। बाद में सभी गायब हो गए। आरोप यह भी है कि उनकी क्वालिटी बहुत घटिया थी। निगम के अपर आयुक्त रवींद्र जैन ने मामले की जांच शुरू करने के पहले गर्ग को निलंबित करने की अनुशंसा की थी। उन्हें गर्ग के मौजूदा पद पर रहते जांच प्रभावित होने की आशंका थी। संभागायुक्त ने मामले से संबंधित दस्तावेज तलब किए थे। इसके बाद यह कार्रवाई हुई है। 

ऐसे सामने आई गड़बड़ी, और फिर कार्रवाई 
तीन महीने पहले स्टोर प्रभारी रवी हरणे की जगह मिथलेश त्रिवेदी को पदस्थ किया। हरणे से चार्ज लेने के लिए त्रिवेदी ने जब स्टोर का हिसाब मांगा तो देने में देरी होने लगी। विभागीय अधिकारियों के बीच विवाद होने पर पड़ताल की तो टंकी और स्टैंड खरीदी का हिसाब नहीं मिल रहा था। स्टोर के दस्तावेजों के आधार पर जब उपयंत्री गर्ग से जानकारी मांगी तो वे संतोषजनक जानकारी नहीं दे पाए। 

इस पर ईई धर्मेंद्र वर्मा ने निगमायुक्त डॉ.विजयकुमार जे को मामले की जानकारी दी थी। आयुक्त ने अपर आयुक्त रवींद्र जैन को जांच अधिकारी नियुक्त कर सात दिन में रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे। अपर आयुक्त ने जांच के बाद रिपोर्ट निगमायुक्त को सौंप दी है। इसके आधार पर गर्ग के खिलाफ कार्रवाई की गई। 

सिंहस्थ में खरीदी का दावा 
सिंहस्थ 2016 में पेयजल व्यवस्था के लिए निगम पीएचई ने 2000 लीटर की 500 टंकियां और 400 स्टैंड खरीदे थे। सिंहस्थ के बाद यह सामग्री स्टोर में जमा नहीं हुई। स्टोर में खरीदी गई टंकियों व स्टैंड की इंट्री भी नहीं है। स्टोर के दस्तावेजों में उल्लेख है कि सामग्री सिंहस्थ नोडल अधिकारी मुकेश गर्ग ने प्राप्त की और मेला क्षेत्र में आवंटित कर दी। सिंहस्थ के बाद स्टोर में यह सामग्री वापस नहीं आई। खरीदी गई टंकियों और स्टैंड की कीमत एक करोड़ रु. से ज्यादा है। 

टंकी और स्टैंड घोटाले को लेकर पीएचई में विवाद के चलते भास्कर ने पूरे मामले को उजागर किया था। इस पर विधायक अनिल फिरोजिया ने विधानसभा में मामले की जानकारी मांगी। विधानसभा में मामला जाने के बाद निगमायुक्त ने ताबड़तोड़ अपर आयुक्त को जांच अधिकारी नियुक्त कर सात दिन में रिपोर्ट तलब की। 

SHARE WITH YOU FRIENDS

-----------

CHOOSE YOUR FAVOURITE NEWS CATEGORY | कृपया अपनी पसंदीदा श्रेणी चुनें


Popular News This Week

खबरें जो आज भी सुर्खियों में हैं