भाजपा नेत्री ने शिवराज सिंह को लिखा 'हत्यारा शासक' | MP NEWS

Saturday, November 25, 2017

भोपाल। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कई दिग्गज प्रचारकों और भाजपा में अमित शाह तक पहुंच रखने वाली भाजपा की महिला नेत्री की एक पुरानी पोस्ट वायरल हो रही है। महिला नेत्री का नाम प्रीति बिरला है। वो नीमच की रहने वालीं हैं और भाजपा के कद्दावर तपन भोमिक की करीबी बताई जातीं हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में सीएम शिवराज सिंह चौहान को 'हत्यारा शासक' लिखा है। उनकी पोस्ट का शीर्षक है, 'जो धरा पुत्र का वध कर दे.... वह राज पुरुष नाकारा है।'पढ़िए प्रीति शुक्ला की पूरी पोस्ट: 

जो धरा पुत्र का वध कर दे.... वह राज पुरुष नाकारा है
जिस धरती पर किसान का रक्त गीरे.. उसका शासक हत्यारा है..
इन लाईनो के साथ आज में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिह जी चोहान का असली चेहरा आप सभी को दिखाना चाहती हू...
माननीय मुख्य मंत्री जी.. में मालवा की उस धरती की बेटी हूँ.. जो निर्दोष किसानो के खुन से रंगी हुई है... निर्दोष व्यापारीयो.. उनके बच्चों के सपनो के.. भविष्य के बरबाद होने की पीडा से व्यतिथ हे..
आपको लगता होगा कि पेसो से इंसान की जिंदगी का मुल्य लगाना सबसे आसान काम हे.. आपने एक एक करोड रुपये देकर किसानो के जीवन का समर्थन मुल्य तय कर दिया... क्योकि आपको चुनाव में किसानो के वोट चाहिये थे... आप उन व्यापारीयो को भुल गये.. जिनने आपकी प्रशासनिक विफ़लता की सजा भुगती.. उनका क्या...
शिवराज सिह जी.. आपने मन्द्सोर नीमच की धरती को जन नेता विहीन कर दिया... सिर्फ़ अपनी राजनीतिक महत्वकानक्षा के कारण...आप जानते हैं कि इस धरती की तासीर है...नेतृत्व क्षमता...मालवा की इस मिट्टी ने कई बार प्रदेश का नेतृत्व कीया...

अगर आपने सही जन प्रतिनिधियो का चुनाव कीया होता तो ये धरती मासुम लोगो के खुन से लाल ना होती.. 
आज मे आपको बताना चाह्ती हूँ... कि 2008 मे आपने संघ के तपोनिश्ट.. अपना पुरा जीवन संघ को देने वाले.. मालवा के सर्व मान्य.. नेता ओम प्रकाश जी पुरोहित के साथ अन्याय कीया था... सिर्फ़ इसलिए कि आपके मुख्य मंत्री निवास के एक सचिव ने मन्द्सोर विधायक के लिए पेसो की बडी डील कर ली...
आपने उस अधिकारी को.. पेसो को..आदरणीय ओम प्रकाश पुरोहित जी की जीवन भर की तपस्या से ज्यादा महत्व दे दीया...आपने विश्वास दिलाया था ना उनको कि आप उन्हे समाज के लिये.. जनता के लिये कार्य करने का एक अवसर फ़िर देगे..फ़िर पेसो के लिए आपने उनके साथ विश्वासघात क्यो किया... आपने एक ऐसे व्यक्ति को टिकिट दिया.. जो माननीय पुरोहित जी की तपस्या.. त्याग के सामने एक प्रतिशत भी नहीं थे.. जो हारते हारते बचे...

आपने मनासा विधायक केलाश चावला जी को मन्त्री मन्डल मे नहीं लिया...जबकि उनकी प्रशाशनिक क्षमता का लोहा भाजपा ही नही विपक्ष भी मानता हे... अगर आप खुद बिना भेदभाव के आकलन करेगे तो आपके मंत्री मन्डल मे एक भी सदस्य केलाश चावला जी जेसी प्रशासन को समझ रखने वाला नहीं है... पर आपने उनको मोका नही दिया.. क्योकि आपको अपनी मुख्य मंत्री की कुर्सी खतरे में दिखती हे उनके कारण..
आपने 2008 मे दिलीप सिन्ग जी परिहार का टिकिट काटकर खुमान सिन्ह जी शिवाजी को दिया.. जो स्वास्थ कारणो से बहुत पहले सक्रिय राजनीति से विदा ले चुके थे..अंत में वो अपना विधायक का कार्यकाल भी पुरा ना कर पाये.. ओर संसार से चले गए.. आपने ऐसा इसलिए किया क्योकि दिलीप सिन्ग जी परिहार ने भाजपा कार्यालय की जगह पटवा जी से लेकर वापस भाजपा को दिला दी... आप यही नही रुके.. भाजपा कार्यालय के उस ट्रस्ट के अध्यक्ष पद पर सुरेन्द्र पटवा जी को बीठा दिया.. आप बतायेगे भाजपा के उन हजारो कार्यकर्ताओ कि सुरेन्द्र पटवा जी का हमारे नीमच जिले मे क्या योगदान... पर आपको यहा भी अपनी कुर्सी दिखी...

जावद विधानसभा के सदस्य माननिय ओम प्रकाश जी सकलेचा... जो बहुत हाई प्रोफ़ाइल लीडर हे..साथ ही उद्योग पति भी है..उन पर अभी लोकायुक्त छापे मे शिकायत कर्ता ने एक प्रतिशत कमीशन का आरोप लगाया.. उन पर कार्यवाही क्यो नहीं की.. क्या भाजपा की.व आपकी प्रतिष्ठा को ठेस नही पहुची... या वो जिन दिल्ली के सम्बन्धो की बात करते हैं.. उनसे आप भी डर गये... मीडिया ने बहुत लिखा भी.. वीडियो दिखाया भी.. पर आपने भ्रश्ताचार की उनको खुली छुट दे दी शायद..

आपने अनुसुचित जाति के.. संघ के तृतीय वर्ष शिक्षित जगदीश देवडा जी जेसे कर्मठ. विधायक को मंत्री नही बनाया क्योकि आपको डर हे कि परिवहन मंत्री रहते.. जिस तरह से आपने उनका विभाग चलाया..वो सचचाई सामने ना आजाये...
आपने गरोठ विधानसभा मे संघ के मालवा प्रान्त के वरिष्ठ देवीलाल जी धाकड को विधानसभा का टिकिट नही देकर उनके त्याग.तपस्या का अपमान कीया.

आपने रतलाम मे हिम्मत जी कोठारी जेसे प्रशासनिक समझ वाले.. पुरा जीवन पार्टी को समर्पित करने वाले व्यक्ति का अपमान किया... जो वय्कित 2003 के पहले दिग्विजय सिह जी के साथ हेलीकाप्टर मे बेठकर इस धरती पर हमारे कार्यकर्ताओ के खिलाफ कार्य करता था.. उन्हे आपने विधायक बना दिया..आप यही नही रुके.. आपने राज्य योजना आयोग का उपाध्यक्ष भी बना दिया.. केबीनेट मन्त्री का दर्जा भी दे दिया.
.आपने ही गरोठ चुनाव के समय राजेश चोधरी जी से बात करके उन्हे पद का प्रलोभन दिया था ना...जब आडियो वायरल हुआ तो आपने उस वय्कित को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया.. जिसका परिवार कई पीढियो से संघ.. भाजपा से जुडा हुआ था.. एक सामान्य कार्यकर्ता की बलि लेने की बजाय नेतिकता के नाते आपने इस्तीफा क्यो नहीं दे दिया...क्योकि गलत तो. आप थे उस प्रकरण मे... उस बेचारे कार्यकर्ता का क्या दोष... मुख्य मंत्री जी पद का प्रलोभन दे रहे हैं.. उसे तो स्वीकारना ही हे..

आपने मन्द्सोर लोकसभा सीट पर किसान नेता बन्शीलाल जी गुजर को.. वरिष्ठ नेता रघुनन्द्न जी शर्मा को अपमानित कर इन सबसे जुनियर वय्कित का चयन किया... क्योकि आपको अपने से बडा नेता प्रदेश में नहीं चाहिए...
माननीय मुख्य मंत्री जी...जिस उज्जैन सम्भाग ने 29 विधानसभा सीट मे से 28 पर आपको जीत दिलायी... उसी धरती को आपने जन नेता विहीन कर दिया...आपको रीमोट से चलने वाले जन प्रतिनिधि चाहिए... आपकी जी हजुरी करने वाले विधायक.. सांसद चाहिये..आप मंत्री भी उनही को बनाते हैं.. जो आपकी सुने.. जिनके विभाग का रिमोट आपके हाथ में हो... 
आपने उज्जैन सम्भाग के पुर्व संगठन मन्त्री तपन जी भोमिक के साथ भी यही किया.. आपने उन्हे मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम का अध्यक्ष बनाया... केबीनेट मन्त्री का दर्जा दिया... आदरणीय पटवा जी ने आपत्ति की.. आपने एक बार भी ये नहीं कहा कि तपन जी भाई साहब ने अपना पुरा जीवन संघ को समाज को दे दिया...आपने सुरेन्द्र पटवा जी का कद बढाने के लिए पर्यटन विकास निगम के टुकडे कर मध्य प्रदेश टुरिज्म बोर्ड बना दिया...

आप बतायेगे मुझे कि सुरेन्द्र पटवा जी का भाजपा के लिये.. या किसी भी अनुशान्गिक सन्ग्ठन के लिए क्या कीया.. या फ़िर सिर्फ़ सुन्दर लाल जी पटवा का भतीजा होना ही एक मात्र योग्यता हे उन्मे...
आज तपन जी भाई साहब के सामने आपने राजनितिक चुनोतिया खडी कर दी... अरे जिस व्यक्ति को पुरे उज्जैन सम्भाग मे कार्यकर्ता भगवान की तरह पुजते हे.. आपने उन्के असतित्व पर प्रश्न चिन्ह लगाने की कोशिश करी...
क्या है कृष्णा गोर जी... बाबुलाल जी गोर की पुत्र वधु ना होती तो... ये वही हे ना जिन्हे गोर जी ने मुख्यमंत्री बनते ही पर्यटन विकास निगम का अध्यक्ष बनाया था... मतलब बाबुलाल जी गोर की राजनीतिक इच्छा तो तभी जग जाहिर हो गयी थी...
मतलब पटवा जी हो या बाबुलाल जी गोर हो.. इन्के परिवार के सदस्य पहले तो राजसी सुख सुविधा को भोगेगे.. फ़िर खुद सत्ता की कुर्सी पर काबिज भी होगे..
मुर्ख है वो लोग जिनने भाजपा के लिये.. सेव परमल खाकर.. घर परिवार त्याग कर काम किया.. 
क्योकि आप तो अपनी कुर्सी बचाने के लिए इन बेचारो की बलि तो लेगे ही..

माननीय मुख्य मंत्री जी मुझे एक बात बहुत समय से समझ नहीं आरही थी कि अचानक आपने पर्यटन विकास निगम के एम डी हरिरन्जन राव को हटाया क्यो... जबकी वहा के सारे कामो को तो आपके लोग उनके माध्यम से ही करते हैं...
अब समझ आया कि आप तो पक्के व्यापारी निकले... आपने बहुत बुद्धिमानी से टुरिज्म बोर्ड बनाया.. सारे वयाव्सायीक कार्य उसमे शिफ़्ट कर दीये...खुद उसके अदय्श्य बन गये... एम डी अपने खास हरिरन्जन राव को बना दिया.. उपाध्यक्ष सुरेन्द्र पटवा जी को बना दिया...
सहि किया आपने.. क्योकि हमारे भाई साहब तपन जी भोमिक तो गलत कार्यो मे आपका साथ देते नहीं... कार्यकर्ताओ के काम आपके नाम की धमकी देकर हरिरन्जन राव करने नही देते...
माननीय मुख्य मंत्री जी... एक कहावत है.. जब बोया पेड बबुल का तो.. उस पर आम कहा से आय... आपने जेसा बोया.. वेसा ही तो काटेगे...
मालवा सरकार बनाता है... आज मालवा की धरती के कार्यकर्ता.. उज्जैन सम्भाग के संघ के कार्यकर्ता आपका असली चेहरा देख चुके हैं..
आपने किसानो की हत्या के बाद उपवास की नौटंकी करी.. उपवास खत्म करने के लिए प्लान भी अच्छा किया... पर आपने एक बार भी उन लोगों की व्यथा को समझा... जिनके घर का इंसान अचानक चला गया.. आपने उनहे 12 दिन भी शान्ति से नहीं रहने दिया.. भोपाल बुलाकर राजनीतिक ड्रामा किया...
फ़िर किसान संदेश यात्रा में किसानो ने आपके विधायको को गावो मे नहीं घुसने दिया..
अब तो जाग जाईये... आपके गलत फ़ेसलो के कारण आज मन्दसोर नीमच जिले मे किसान आंदोलन में एक जन नेता नही मिला पार्टी को...

आपके एक गलत फ़ेसले के कारण ओम प्रकाश जी पुरोहित जेसे तपोनिश्ट.. कर्मठ..संघ के लिये पुरा जीवन समर्पित करने वाले हमारे प्रेरणा स्त्रोत असमय दुनिया से चले गए... जबकि उन्हे कोई बिमारी नहीं थी.. पर आपके विश्वास घात ने उनहे मार डाला...
आपने केलाश चावला जी को पटवा जी के विरोध के चलते हाशीये पर डाल दिया..
आपने बन्शीलाल जी गुजर जेसे बड़े किसानो के नेता को हाशिये पर डाल दिया... आपने रघुनन्द्न जी शर्मा जेसे वरिष्ठ.. को अलग कर दिया..

आपने अपने व्यावसायिक हितो को साधने के लिये तपन जी भोमिक जेसे व्यक्ति को भी नहीं बख्शा... जबकि पुरे जीवन उन्होने अपने स्वास्थ की चिन्ता ना करते हुए फ़क्क्ड अन्दाज में पार्टी का कार्य करते गुजार दिया..
कार्यकर्ताओ ने तो मन बना लिया है... 2018 मे जवाब देने का... आपकी जो जय जयकार कर रहे हैं वो सब आयातित लोग हैं.. उन्के भरोसे रहेगे तो नेया डुबना पक्का हे..
आपने नर्मदा यात्रा मे करोडो रुपये जो प्रचार प्रसार मे.. फ़िल्मी कलाकारो पर.. सुख सुविधा मे फ़ुके हे...वो इस प्रदेश की जनता का पेसा था...
आपने मध्य प्रदेश को कर्जे मे डुबो दिया...
अधिकारियो के रीमोट से चलते चलते आप आज संघ.. भाजपा की रेन्ज से बाहर हो गये हे..
नरेन्द्र मोदी जी के भ्रष्टाचार मुक्त भारत में शायद मध्य प्रदेश नही आता है.. या नरेन्द्र भाई मोदी जी ने व अमित शाह जी ने आपको गलत करने की पुरी छुट दे दी हे कि चाहे कार्यकर्ता मर जाये पर वो मध्य प्रदेश में हस्त क्षॆप नही करेगे

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