जानिए क्या है MCLR, जिसने बैंक लोन सस्ते कर दिए | BANK LOAN

Saturday, November 25, 2017

BHOPAL: विमुद्रीकरण के बाद से ऋण ब्याज दरों में आने वाली गिरावट के कारण आसानी से ऋण मिलने लगा है। ऋण दर व्यवस्था में फेरबदल होने के कारण भी होम लोन ज्यादा सस्ता हो गया है क्योंकि यह आधार दर से मार्जिनल कोस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) में बदल गया है। एमसीएलआर, होम लोन को सस्ता बना देता है। तो एमसीएलआर आखिर है क्या? पिछले साल अप्रैल में, आरबीआई ने ऋण पर ब्याज दर निर्धारित करने के लिए एमसीएलआर की शुरुआत की है। एमसीएलआर को और अच्छी तरह से समझने के लिए, सबसे पहले आधार दर को समझना जरूरी है। आधार दर, एक बैंक द्वारा आपसे और अन्य ग्राहकों से लिए जाने वाले ब्याज की न्यूनतम दर है। कोई भी बैंक अपनी आधार दर से कम ब्याज दर पर ऋण नहीं दे सकता है। 

एमसीएलआर की गणना, धनकोष की सीमांत लागत, आवधिक प्रीमियम, संचालन खर्च और नकदी भंडार अनुपात को बनाए रखने की लागत के आधार पर की जाती है। उसके बाद एमसीएलआर की गणना के आधार पर आधार दर प्राप्त किया जाता है। बैंकों में अस्थायी दर ऋण पर मानदंड दर के रूप में 6 महीने या एक साल वाला एमसीएलआर होता है। यदि आप 6 महीने वाला एमसीएलआर का चयन करते हैं तो आपके होम लोन की दरों को हर 6 महीने पर रिसेट किया जाएगा। 

पिछले साल अप्रैल से बैंकों ने आधार दर की जगह एमसीएलआर का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। इस तरह एमसीएलआर नए मानदंडों वाला ऋण दर है जिस पर बैंक आपको और अन्य नए उधारकर्ताओं को कर्ज देते हैं। एमसीएलआर, आधार दर से कम होने के कारण, अधिक सस्ती होम लोन दरों में रूपांतरित हो जाता है। 

31 मार्च 2016 तक, बैंक, अस्थायी दर वाले ऋणों के लिए मानदंड दर के रूप में आधार दर का इस्तेमाल करते थे। अब, बैंक एमसीएलआर का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो आधार दर से कम है और इससे आपका ऋण सस्ता हो जाता है। अस्थायी दर वाले ऋण वे ऋण हैं जिनकी ब्याज दरें, बाजार की स्थिति के आधार पर बदलती रहती हैं। 
एमसीएलआर के बारे में और अच्छी तरह से जानने-समझने के लिए, गणनाओं में इस्तेमाल होने वाले शब्दों या पदों को समझना जरूरी है। आइए सबसे पहले यह समझने की कोशिश करते हैं कि "धनकोष की लागत" का क्या मतलब है। कभी-कभी, बैंकों को अपने व्यवसाय का खर्च उठाने के लिए उधार लेना पड़ता है। वे इस उधार की रकम पर ब्याज देते हैं जिसे धनकोष की लागत कहा जाता है। सीमांत लागत वह अतिरिक्त लागत या खर्च है जो बैंकों को एक परिसंपत्ति खरीदने या एक निवेश करने के लिए पैसों का इंतजाम करने के लिए करना पड़ता है।उदाहरण के लिए, एक बैंक को पैसों का निवेश करना पड़ता है और इस निवेश की लागत 1000 रुपये है। किसी कारण से, इस निवेश पर बैंक का खर्च बढ़कर 1500 रुपये हो गया है। यह अतिरिक्त लागत (500 रुपये), धनकोष की सीमांत लागत है। 

"अवधि" कर्ज चुकाने के लिए बचे हुए समय का परिमाण है। अलग-अलग ऋण की अवधि या समयावधि अलग-अलग होती है जो आम तौर पर एक साल तक की होती है। एमसीएलआर के तहत, यदि बैंक अधिक अवधि (मान लीजिए लगभग एक साल) के लिए ऋण दे रहा है, तो इस ऋण के सम्बन्ध में काफी अनिश्चितता/जोखिम होती है। इस जोखिम की क्षतिपूर्ति करने के लिए, बैंकों को एक आवधिक प्रीमियम लेने की अनुमति दी गई है। 

"संचालन खर्च" बैंकों को एक ऋण उत्पाद प्रदान करने के लिए ये खर्च उठाने पड़ते हैं जिसमें सेवा शुल्क शामिल नहीं होता है। नकदी भंडार अनुपात को बनाए रखने की लागत: आरबीआई नियमों के अनुसार, बैंकों को चालू खातों में आरबीआई के पास अपनी कुल जमा राशि का एक निश्चित प्रतिशत बनाए रखना पड़ता है। इसे नकदी भंडार अनुपात या सीआरआर भी कहा जाता है। बैंकों को सीआरआर को बनाए रखने का खर्च उठाना पड़ता है। एमसीएलआर, वास्तविक जमा दरों से बहुत करीब से जुड़ा हुआ है जो बैंक अपने ग्राहकों / जमाकर्ताओं को देते हैं। इसलिए, एमसीएलआर, आधार दर से काफी कम होता है। 

मान लीजिए, आपने 1 अप्रैल 2016 को 9.25% के एक वर्षीय एमसीएलआर पर एक बैंक से 32 लाख रुपये का होम लोन लिया है। इस लोन का स्प्रेड या प्रसार 0.25% है। (बैंक आपकी उधार योग्यता के आधार पर एक स्प्रेड चार्ज करते हैं। इसलिए एक अच्छा सिबिल स्कोर बनाए रखें)। आपका होम लोन 9.5% (9.25% + 0.25%) होगा। आपको एक साल तक इस दर पर अपने होम लोन की किश्तें चुकानी पड़ती है। 

1 अप्रैल 2017 को, बैंक ने एक-वर्षीय एमसीएलआर को संशोधित करके 9.2% कर दिया। स्प्रेड पहले की तरह स्थिर यानी 0.25% ही रहता है। आपके होम लोन की ब्याज दर संशोधित होने के बाद 9.45% हो जाती है। इसलिए आपका होम लोन इस तारीख को अपने आप रिसेट हो जाता है। एमसीएलआर एक बहुत अच्छा विकल्प है यदि ब्याज दरें घटती रहें। 

विमुद्रीकरण के बाद, बैंक, एमसीएलआर के तहत कम अस्थायी दरों पर होम लोन दे रहे हैं। अपने लोन को एमसीएलआर में स्विच करना एक अच्छा उपाय साबित हो सकता है। लागत पर विचार करें और यदि आप ब्याज बचा सकते हैं तो अपना होम लोन स्विच कर लीजिए। बैंक बाज़ार, भारत का एक प्रमुख ऑनलाइन मार्केटप्लेस है जो तरह-तरह के क्रेडिट कार्ड, पर्सनल लोन, होम लोन, कार लोन और इंश्योरेंस की तुलना करने और उनके लिए आवेदन करने में उपभोक्ताओं की मदद करता है। 

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