DCA और PGDCA कोर्स चलाने वाली दुकानें बंद होनी चाहिए: हाईकोर्ट

Tuesday, November 7, 2017

ग्वालियर। हाईकोर्ट ने कंप्यूटर डिप्लोमा के नाम पर शिक्षा के व्यवसायीकरण को रोकने के लिए निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने कहा है कि कंप्यूटर डिप्लोमा यानी बीसीए, डीसीए और पीजीडीसीए जैसे कोर्स को लेकर चलाई जा रही शिक्षा की दुकानें बंद होना चाहिए क्योंकि इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ता है। हाईकोर्ट की ग्वालियर खंण्डपीठ ने कम्प्यूटर डिप्लोमा के नाम पर शिक्षा के व्यवसायीकरण को गंभीरता से लिया है हाईकोर्ट ने भोज विश्वविद्यालय द्वारा MPCON को दिये गए अनुबंध को गलत ठहराते हुए पूरी प्रक्रिया को याचिका के निराकरण तक रोकने के निर्देश दिये है। 

दरअसल मोहन बंसल नामक अधिवक्ता ने भोज विश्वविधालय की डिप्लोमा प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा था कि कंप्यूटर डिप्लोमा के नाम पर शिक्षा का व्यवसायीकरण किया जा रहा है। MPCON भी दूसरे शिक्षण संस्थानों को ठेका पद्धति से डिप्लोमा करा रहा है। इससे शिक्षा का स्तर भी गिर रहा है लोग बिना संस्थान जाए डीसीए, पीजीडीसीए का डिप्लोमा ले रहे हैं। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पूरी प्रक्रिया पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी है।

लव जिहाद केस: लड़की ने हिंदू माता-पिता को पहचानने से ही इंकार कर दिया
जयपुर। राजस्थान के जोधपुर में कथित लव जेहाद मामले में हाईकोर्ट ने मुस्लिम पति या हिंदू माता-पिता दोनों में से एक को चुनने का फैसला खुद पायल सिंघवी पर छोड़ा है। दरअसल, पायल ने कुछ दिन पहले ही धर्म परिवर्तन कर अपना नया नाम आरिफा रखते हुए इरफान नाम के एक युवक से निकाह किया था। कोर्ट ने कहा कि युवती अपनी इच्छा से कहीं भी जा सकती है। हालांकि इसके बाद युवती ने माता-पिता को पहचानने से ही इंकार करते हुए पति इरफान के साथ रहने की बात कही।

राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश गोपालकृष्ण व्यास की खंडपीठ में हुई सुनवाई के बाद युवती के पिता सुरेश सिंघवी ने कहा कि जिस बेटी को 23 वर्ष तक पाला-पोसा आज वो उन्हें पहचानने से इंकार कर रही है। पिता का आरोप है कि मेरी बेटी लव जेहाद की शिकार हुई है, बेटी को शादी के बाद दुबई ले जाया जा रहा है। उन्होंने अपनी बेटी को दुबई मे बेचने की आशंका भी जताई। पिता ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि सरकार और कोर्ट को धर्म परिवर्तन और लव जेहाद रोकने को लेकर कानून बनाना चाहिए। वहीं मां सरस्वती देवी ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को किसी मौलवी से जादू के चक्कर में फंसाया गया है।

इधर, कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान बाहर कई संगठनों के कार्यकर्ता कथित धर्म परिवर्तन और लव जेहाद का विरोध करते हुए नारेबाजी कर रहे थे। उग्र भीड़ को देखते हुए पायल उर्फ आरिफा को अपने शौहर के साथ पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में हाईकोर्ट के पीछे के गेट से बाहर निकाला।

SHARE WITH YOU FRIENDS

-----------

CHOOSE YOUR FAVOURITE NEWS CATEGORY | कृपया अपनी पसंदीदा श्रेणी चुनें


खबरें जो आज भी सुर्खियों में हैं

Trending

Popular News This Week