प्रद्युम्न हत्याकांड: अब CBI की कहानी भी संदेह की जद में

Tuesday, November 14, 2017

फरीदाबाद/गुड़गांव। गुड़गांव के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुए प्रद्युम्न हत्याकांड में सीबीआई ने 11वीं के एक छात्र को गिरफ्तार करते हुए दावा किया था कि हत्या इसी छात्र ने की है। हरियाणा पुलिस की कहानी को झूठी बताते हुए सीबीआई ने एक नई कहानी बताई थी परंतु 11वीं के छात्र ने बयान में कहा है कि CBI ने उसके बेरहमी से पीटा और धमकी दी कि यदि उसने जुर्म नहीं कबूला तो उसके छोटे भाई की हत्या कर देंगे। CBI से डर के कारण नाबालिग आरोपी ने जुर्म कबूल कर लिया। 

आरोपी का बयान CBI की थ्योरी से अलग
सोमवार सुबह 10 बजे सीबीआई के डीएसपी एके बस्सी हरियाणा नंबर की टवेरा गाड़ी में जुवेनाइल होम पहुंचे। उनके साथ गुड़गांव की चाइल्ड प्रोटेक्शन एंड वेलफेयर ऑफिसर (सीपीडब्ल्यूओ) रीनू सैनी थीं। रीनू ने आरोपी स्टूडेंट से एक अलग कमरे में दो घंटे बातचीत की। उसकी दिमागी हालत और पूरा घटनाक्रम जानना चाहा। आरोपी ने रीनू को जो बताया, वह सीबीआई की थ्योरी और गिरफ्तारी के आधार से बिल्कुल अलग है।

मैं अपने भाई से बहुत प्यार करता हूं
आरोपी स्टूडेंट ने सैनी को बताया, "सीबीआई ने मुझसे कहा था कि यह जुर्म तुझे कबूल करना पड़ेगा। अगर ऐसा नहीं किया तो हम तेरे भाई का मर्डर कर देंगे। काउंसिलिंग के दौरान आरोपी स्टूडेंट सैनी से बोला, "मैं अपने भाई को बहुत प्यार करता हूं और उसे मरते हुए नहीं देख सकता।

प्रद्युम्न को मैंने नहीं मारा
आरोपी जुवेनाइल ने कहा कि उसने प्रद्युम्न की हत्या नहीं की। सीबीआई वालों ने उससे जबरन जुर्म कबूल कराया है। सीबीआई वालों ने टॉर्चर किया, धमकाया। सैनी ने आरोपी के बयान को लिख लिया है। यह लिखित रिपोर्ट टॉप ऑफिशियल्स के अलावा जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट के सामने रखी जाएगी।

CBI की मौजूदगी में आरोपी से मिले माता-पिता और भाई
सोमवार को सीबीआई की मौजूदगी में आरोपी स्टूडेंट से उसके माता-पिता और भाई की मुलाकात कराई गई। तीनों एक घंटे तक जुवेनाइल के पास रहे। इस दौरान जुवेनाइल की मां, बेटे से लिपटकर रोती रही। छोटा भाई भी मां और बड़े भाई को रोता देख आंसू नहीं रोक पाया।

कब हुआ था रेयान स्कूल में मर्डर?
गुड़गांव के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 8 सितंबर को 7 साल के बच्चे का मर्डर कर दिया गया था। बॉडी टॉयलेट में मिली थी। इस मामले में हरियाणा पुलिस ने स्कूल बस के कंडक्टर अशोक कुमार को अरेस्ट किया था। आरोपी 8 महीने पहले ही स्कूल में कंडक्टर की नौकरी पर लगा था। अशोक ने मीडिया को बताया था, ''मेरी बुद्धि भ्रष्ट हो गई थी। मैं बच्चों के टॉयलेट में था। वहां गलत काम कर रहा था। तभी वह बच्चा आ गया। उसने मुझे देख लिया। मैंने उसे पहले देखा धक्का दिया। फिर खींच लिया। वह शोर मचाने लगा तो मैं डर गया। फिर मैंने उसे दो बार चाकू से मारा। उसका गला रेत दिया। बाद में सीबीआई ने जांच की। इसके बाद 11वीं के स्टूडेंट को इस मर्डर केस में आरोपी बनाया गया।

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